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Monday, March 2, 2026
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    MSG Bhandara: देश भर में मनाया पावन एमएसजी अवतार भंडारा, नामचर्चा सत्संगों में भारी संख्या में पहुँची साध-संगत

    MSG Bhandara

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह सांईं शाह मस्ताना जी महाराज का पावन एमएसजी अवतार भंडारा रविवार को राजस्थान, महाराष्टÑ, कर्नाटक, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में स्थित एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्रों में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। पावन एमएसजी अवतार माह के शुभ भंडारे में भारी संख्या में साध-संगत ने शिरकत की। MSG Bhandara

    कोटा

    पावन अवतार माह की खुशी में रविवार को राजस्थान में बीकानेर, जयपुर, कोटा, किशनगढ़ बास, अलवर, महाराष्टÑ में कलौते-पनवेल (मुंबई) और फलटन (पुणे), आटपाड़ी (सांगली), किसान नगर, कर्नाटक में मैसूर, बैंगलुरु, गुजरात में लाकड़िया, अहमदाबाद, हिमाचल प्रदेश में चचिया नगरी, पौंटा साहिब, प्रागपुर, छत्तीसगढ़ में बिलासपुर, बैकुंठपुर, मध्य प्रदेश में बुदनी, श्योपुर, मझौली, राजगढ़, ओडिशा में पुरी, जगन्नाथ पुरी, बिहार में सहरसा, मधेपुरा, हाटा, तेलंगाना में हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर में जम्मू और दिल्ली में स्थित एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्रों में पावन एमएसजी अवतार भंडारे की खुशी में नामचर्चा सत्संग का आयोजन हुआ।

    पावन भंडारे की शुरूआत में सत्संग पंडाल में सजी साध-संगत ने ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ के पवित्र नारे के साथ पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को पूजनीय बेपरवाह सांईं शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार दिवस की बधाई दी। समूचा पंडाल पवित्र नारे की रूहानी ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात कविराज भाइयों ने भक्तिमय भजनों के माध्यम से सतगुरु की महिमा का गुणगान किया। तदोपरांत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के अनमोल वचन बड़ी-बड़ी सक्रीनो पर चलाए गए, जिसमें पूज्य गुरु जी ने पूजनीय बेपरवाह सांईं शाह मस्ताना जी महाराज के पवित्र जीवन और उनके मानवता पर किए गए परोपकारों पर प्रकाश डाला।

    राजगढ़, मध्यप्रदेश

    पूज्य गुरु जी के अनमोल वचनों को बड़ी-बड़ी स्क्रीनों के माध्यम से लाखों की संख्या में पहुंची साध-संगत ने पूरी तन्मयता से श्रवण किया। तत्पश्चात गुरु के महत्व को दर्शाती एक डॉक्यूमेंट्री और पूज्य गुरु जी के गाए नशों के खिलाफ जागरूक करते गीत भी चलाए गए। इस अवसर पर शाह सतनाम शाह मस्ताना जी धाम डेरा सच्चा सौदा, सरसा में दो युगल दिलजोड़ माला पहनाकर विवाह बंधन में बंधे। नामचर्चा सत्संग में उमड़ी साध-संगत को कुछ ही मिनटों में प्रशाद और लंगर भोजन खिलाया गया। उल्लेखनीय है कि पूजनीय सांईं शाह मस्ताना जी महाराज ने सन् 1891 में कार्तिक की पूर्णमासी के दिन गाँव कोटड़ा, तहसील गंधेय जिला बिलोचिस्तान (वर्तमान में पाकिस्तान में है) में पूजनीय पिता पिल्लामल जी व पूजनीय माता तुलसां बाई जी के घर अवतार धारण किया। MSG Bhandara

    सहरसा, बिहार
    बुधनी, मध्य प्रदेश
    सहरसा, बिहार
    Ahmedabad, Gujarat
    Alwar
    Baikunthpur, Chhattisgarh
    Bilaspur, Chhattisgarh
    Budni MP
    Budni MP
    Budni MP
    Hata, Bihar
    Hyderabad, Telangana
    Hyderabad, Telangana
    Jagannath Puri, Odisha
    Kisan Nagar, Maharashtra
    Kota
    Kota
    Kota
    Majhauli, Madhya Pradesh
    Mumbai Maharashtra
    Rajgarh, Madhya Pradesh
    Saharsa, Bihar

     

    Sheopur, Madhya Pradesh
    Sheopur, Madhya Pradesh
    Lakadiya Gujarat

    Madhepura, Bihar
    Bengaluru, Karnataka
    Jammu-&-Kashmir
    Jammu-&-Kashmir

    बाल्यकाल से ही प्रकट हो गए थे पूजनीय सांईं शाह मस्ताना जी महाराज के दिव्य गुण: पूज्य गुरु जी

    डेरा सच्चा सौदा में पावन भंडारे के अवसर पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने फरमाया कि दाता रहबर सांईं शाह मस्ताना जी महाराज जी का पावन जन्म गांव कोटड़ा, बिलोचिस्तान में माता तुलसा बाई जी और पिता पिल्लामल जी के घर हुआ। जैसा कहा गया है कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। वैसे ही बाल्यकाल से ही सांईं शाह मस्ताना जी महाराज के दिव्य गुण प्रकट होने लगे थे। एक बार माता जी ने उन्हें कुछ बर्फी देकर कहा कि बाजार में जाकर यह बेच आओ। रास्ते में सांईं जी को कुछ फकीर मिले। उन्होंने कहा बेटा, हम बहुत भूखे हैं। सांईं जी का हृदय करुणा से भर गया। उन्होंने बर्फी उन्हें दे दी। अब मन में आया माता जी को क्या कहूँगा? फिर उन्होंने एक किसान के पास जाकर कहा कि मुझे मजदूरी करनी है।

    किसान ने कहा कि बेटा, तुम छोटे हो, यह काम कैसे करोगे? सांईं जी बोले, आप काम देकर देखिए और फिर उस नन्हें से बालक ने वह सब कर दिखाया जो बड़े-बड़े नहीं कर पाते। किसान आश्चर्यचकित रह गया और बोला यह बालक कोई साधारण नहीं है। शाम को सांईं जी ने मेहनत की दिहाड़ी ली और घर पहुंचे। माता जी ने पूछा बेटा, बर्फी का क्या हुआ? सांईं जी ने कहा कि माता जी, आपने कहा था सौदा करके आओ। मैंने सौदा कर लिया। भूखे फकीरों को बर्फी दी, फिर मेहनत कर पैसा कमाया, यही है सच्चा सौदा।

    पूज्य गुरु जी ने आगे फरमाया कि सांईं जी परमात्मा की खोज में सिद्धियों वाले साधुओं के पास गए, पर उन्होंने कहा हम उड़ना सिखा सकते हैं, पर मुक्ति नहीं दे सकते। सांईं जी बोले कि मुझे न उड़ना है, न तैरना, मुझे तो मुक्ति का दाता चाहिए और अंतत: जब सांईं जी ब्यास पहुँचे और हजूर बाबा सावण सिंह जी महाराज के दर्शन किए। बस, वहीं आत्मा को अपने मुक्ति दाता मिल गए। फिर बाबा सावण सिंह जी महाराज के आदेश पर पूजनीय बेपरवाह सांईं शाह मस्ताना जी महाराज ने बागड़ में डेरा सच्चा सौदा बनाया जो पूरी दुनिया में आपसी प्रेम, भाईचारे और सेवा की मिसाल बनकर इन्सानियत का उजियारा फैला रहा है। MSG Bhandara

    Kisannagar
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