Kerala Story 2 Controversy: नई दिल्ली। आगामी फिल्म द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। ट्रेलर सार्वजनिक होने के बाद विभिन्न विपक्षी दलों ने आपत्ति दर्ज कराई है और इसे एक पक्ष विशेष की सोच को बढ़ावा देने वाली रचना बताया है। कुछ दलों का कहना है कि सिनेमा के माध्यम से सामाजिक ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि फिल्म एक संवेदनशील विषय को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करती है। The Kerala Story 2
जम्मू क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम अहमद मीर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी फिल्में समाज में पूर्वाग्रह को जन्म दे सकती हैं। उनके अनुसार, कला और सिनेमा को सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करने का माध्यम होना चाहिए, न कि विभाजन का। इसी क्रम में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने भी चिंता व्यक्त की। उनका मत है कि मनोरंजन उद्योग को किसी समुदाय विशेष की छवि पर प्रश्नचिह्न लगाने का मंच नहीं बनना चाहिए। उन्होंने सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
”देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान आधारित है”
जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट्ट ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान आधारित है और किसी भी रचनात्मक अभिव्यक्ति को संवैधानिक मूल्यों की मर्यादा में रहकर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने समाज में संवाद और संतुलन बनाए रखने की अपील की। केरल सरकार में मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने भी फिल्म को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि किसी राज्य की छवि को प्रभावित करने वाले विषयों पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि केरल की सामाजिक संरचना और विकास को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने भी फिल्म के कथित दावों पर सवाल उठाए और कहा कि देश में कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली मौजूद है, अतः किसी भी अपराध को व्यक्तिगत कृत्य के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि सामुदायिक परिप्रेक्ष्य में। फिल्म आगामी 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है। राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और सार्वजनिक विमर्श के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दर्शक इसे किस दृष्टि से ग्रहण करते हैं। The Kerala Story 2















