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    अफसरों के ट्रांसफर से उलझा मामला पहुंचा मोदी-शाह दरबार!

    Transfer

     जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री, अनिल विज से उलझा है पेंच (Transfer)

    चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)। हरियाणा के अधिकारियों के ट्रांसफरों से प्रदेश (Transfer) के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृह मंत्री अनिल विज के बीच उलझा विवाद और बढ़ सकता है। गृह मंत्री अनिल विज का पेच मनमर्जी से ट्रांसफर और सीआईडी डीजीपी से मांगी रिपोर्टां के कारण मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से उलझ गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले को लेकर सीएम खट्टर मोदी-शाह दरबार पहुंच गए हैं। उन्होंने मामले को सुलझाने के लिए भाजपा के मौजूदा कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की है।

    बता दें कि अपने फैसलों पर अडिग रहने वाले गृह मंत्री अनिल विज ने सीएम आॅफिस (सीएमओ) द्वारा कुछ बड़े आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर पर एतराज जताया था और कहा था कि वे अपनी मर्जी से ये ट्रांसफर करेंगे, क्योंकि ये विभाग उनका है और उन्हें पता है किसे कहां लगाना है। इस बाबत विज ने अपना एतराज जताकर ट्रांसफर की फाइल सीएमओ में लौटा दी थी। लेकिन अगले दिन विज के एतराज को दरकिनार करते हुए सीएमओ ने ट्रांसफर के निर्देश जारी कर दिए। जिस पर गृह मंत्री भड़क गए और अपना एतराज मीडिया में भी जता दिया। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मनाने की कोशिश की और कई बार फोन किया और मिलने के लिए बुलाया, लेकिन विज नहीं माने। हालांकि वे मुख्यमंत्री से मिलने जरूर गए, लेकिन सूत्रों ने बताया कि मामले का हल नहीं हुआ।

    सीआईडी से मांगी जानकारी से और उलझा मामला (Transfer)

    मुख्यमंत्री से पहले ही नाराज चल रहे अनिल विज द्वारा सीआईडी से कुछ बिंदुओं पर मांगी जानकारी न मिलने के कारण नाराजगी और बढ़ गई। विज ने 31 दिसंबर को सीआईडी डीजीपी से जब स्पष्टीकरण मांगा। तब शाम को एक रिपोर्ट विज के दफ्तर में सीआईडी की तरफ से भेजी गई। लेकिन विज के अनुसार रिपोर्ट अधूरी थी तो उसे दोबारा से मांगा गया। इस बाबत विज सीआईडी डीजीपी राव को खरी-खरी सुना चुके हैं। वहीं मीडिया में बातचीत करते हुए विज ने कहा कि कुछ अधिकारी खुद को सरकार समझते हैं लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि सरकार वे हैं।

    सीआई से मांगी फोन टैपिंग की जानकारी!

    सूत्रों की माने तो प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने सीआईडी से जिन-जिन व्यक्तियों के फोन टैप होते हैं उनकी जानकारी मांगी गई है। जिसे देने में सीआईडी आनाकानी कर रही है। हालांकि विज अपने फैसले पर अडिग हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि वे सीआईडी से तमाम जानकारियां हासिल करेंगे, क्योंकि यह उनके मंत्रालय के अधीन है।

    सीएम और गृह मंत्री के विवाद में कूदे हुड्डा

    बोले: दाल में कुछ तो काला है सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मौका देखते हुए खट्टर और सीएम के विवाद में छलांग लगा दी। मीडिया से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि विवाद की खबरें लगातार आ रही हैं, इससे सरकार चलाने में बाधा आती है। हालांकि यह सरकार का अंदरूनी मामला है, लेकिन इस तरह की बातें पब्लिक में नहीं आनी चाहिएं। इसी दौरान हुड्डा ने भाजपा-जेजेपी गठबंधन पर भी तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन की इस सरकार में विचारों की कोई समानता नहीं है।

    इस सरकार ने अब तक अपना काम तक शुरू नहीं किया है और कॉमन मिनिमम प्रोग्राम का अता पता नहीं है। वहीं हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी दिशा नहीं दिखाई है। गरीब किसान हर वर्ग प्रदेश में परेशान है। उन्होंने कहा कि आज प्रति व्यक्ति आय और निवेश में हरियाणा, पंजाब से भी पीछे 18 नंबर पर है। फोन टैपिंग मामले पर हुड्डा ने कहा कि किसके फोन टेप हो रहे हैं इसकी जानकारी गृहमंत्री को तो होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह सचिव के आदेश पर फोन टेप होते हैं, अगर गृहमंत्री को नहीं पता है तो दाल में कुछ काला है। हुड्डा ने कहा कि फोन टेपिंग मामले में अगर गृह मंत्री को भी संदेह है तो विपक्ष कैसे संदेह से बाहर हो सकता है।

     

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