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Sunday, February 22, 2026
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    अल्लाह, वाहेगुरू का नाम घर को बनाता है स्वर्ग: पूज्य गुरु जी

    The name of Allah, Waheguru makes the house heaven Pujya Guru Ji
    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि वो जगह भाग्यशाली बन जाती है जहां बैठकर अल्लाह, वाहेगुरू का नाम लिया जाता है। दिलो-दिमाग पाक-साफ बन जाता है जिसमें परमपिता परमात्मा की याद बनी रहती है और वह घर स्वर्ग बन जाता है जहां अल्लाह, वाहेगुरू, राम का नाम सुबह- शाम लिया जाता है। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि घोर कलियुग में इंसान अपने जेहन में बुराइयों और कमियों को ईजाद कर लेता है लेकिन नसीबों वाले होते हैं जो मालिक से जुड़ जाते हैं। इन्सान एक बार गलती करने के बाद गलती पर गलती करता रहता है तो वह इन्सान नहीं शैतान बन जाता है इसलिए आप अपने अंदर बुरी आदतों को पनपने न दें, क्योंकि मन का पता नहीं चलता कि वह कब राह से भटका दे, कब दगा दे दे।

    सेवा के साथ सुमिरन करने से इंसान के अंदर आत्मबल आता है

    पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि मन से बच पाना अपने आप संभव नहीं है। इससे सेवा-सुमिरन से ही बचा जा सकता है। अगर सेवा के साथ-साथ सुमिरन परमार्थ किया जाए तो वह भक्ति मालिक की दरगाह में जरूर कबूल होती है। सेवा के साथ सुमिरन करने से इंसान के अंदर आत्मबल आता है, अंदर से मजबूत बन जाता है और उसका अन्त:करण साफ हो जाता है। इन्सान बुराइयों से मुक्त होकर मालिक की कृपा, रहमत के काबिल बन जाता है। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि इंसान सुबह-शाम आधा-आधा घंटा पूरी लग्न व तड़फ के साथ भगवान का सुमिरन करे तो मालिक की कृपा जरूर होगी और वह सब खुशियां प्राप्त कर लेता है जो वेद-शास्त्रों में लिखी हुई है। इसके साथ परहित का भला यानि परमार्थ किया जाए तो इन्सान अभाग्यशाली से भाग्यशाली बन जाता है। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि मालिक का प्यार पाना मामूली बात नहीं है, मालिक का प्यार सेवा सुमिरन से ही प्राप्त होता है या पिछले जन्मों की भक्ति हो जिससे रूहानियत में ओहदे बनते चले जाते हैं। इन्सान गम से दूर होकर बेगमपुर का बादशाह बन जाता है और वह चिंतामुक्त जिंदगी व्यतीत करने लगता है। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि सेवा व सुमिरन भक्त के गहने होते हैं, वचनों पर रहते हुए सेवा-सुमिरन के साथ पुरूषार्थ व परमार्थ किया जाए तो इन्सान धरा पर खुशियों के नजारे लूटता है और मालिक की गोद में बैठकर अगले जहान जाता है। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि आप सभी पूरी लग्न व भावना से समाज का भला करो और बुराइयों से लिप्त इन्सान को गुरूमंत्र से जोड़कर भगवान की कृपा के काबिल बनाने में सहयोग करें, जो महादानों का महादान है और उसका पुण्य सैकड़ों गायों को कत्ल होने से बचाने जितना है।

     

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