
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: जिले में प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिला कार्यालय ने नियमों को ताक पर रखकर खनन क्षेत्र में स्टोन क्रशरों को धड़ल्ले से ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (सीटीओ) जारी कर दी। हैरानी की बात यह है कि जिन चार क्रशरों को अनुमति दी गई, वे कथित तौर पर आबादी से महज दो सौ मीटर की दूरी पर संचालित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमानुसार इतनी कम दूरी पर क्रशर संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती, फिर भी फाइलों में पैरामीटर पूरे दिखाकर सीटीओ जारी कर दी गई। इससे पहले भी रेवेन्यू विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर पैमाइश में गड़बड़ी और पैरामीटर में हेराफेरी के आरोप लग चुके हैं। अब नए मामले ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक मामला जब जिला उपायुक्त के संज्ञान में आया तो उन्होंने छछरौली के एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। लेकिन आरोप है कि निर्देशों के बावजूद संदिग्ध क्रशरों के पैरामीटर की जमीनी स्तर पर गहन जांच अब तक नहीं हुई। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। Pratap Nagar News
जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय पहले से ही विवादों में रहा है। बीस दिन पहले ही कार्यालय की एक क्लर्क को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। विजिलेंस जांच में आरओ और एसडीओ स्तर तक का नाम उछलने की चर्चा रही, लेकिन मामला अचानक ठंडे बस्ते में चला गया। अब ताजा प्रकरण ने आग में घी डालने का काम किया है।
पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का जिला कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, जहां नियमों की अनदेखी कर आर्थिक लाभ के लिए अनुमति बांटी जा रही है। धूल, शोर और कंपन से परेशान लोग अब खुलकर सामने आ रहे हैं और पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
लोगों सुरेश कुमार ,सतीश कुमार,सहदेव,सोनी आदि का कहना है कि यदि आबादी के बीच ऐसे ही क्रशर चलते रहे तो आने वाले समय में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन सख्त कार्रवाई करता है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। Pratap Nagar News
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के रीजनल ऑफिसर प्रदीप का कहना है कि राजस्व विभाग से जो पैरामीटर को लेकर सूची आई थी उसी की सीटीओ दी गई है। यदि इसमें कोई कमी है तो लिखित शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम छछरौली रोहित कुमार का कहना है कि यदि सीटीओ देने में राजस्व विभाग स्तर पर कमी है तो इसकी जांच करवाई जाएगी और बाकी खनन क्षेत्र के सभी स्टोन क्रेशर के पैरामीटर को लेकर भी जांच चल रही है।
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