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    बुराई के नुमाइंदों के मंसूबे होंगे फेल

    पूज्य गुरु जी पर दृढ़ विश्वास से सजी साध-संगत बोली

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की रूहानी चिट्ठी ने डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत में मानवता भलाई कार्यों के लिए नया जोश, ज़ज्बा और जुनून भर दिया है। सतगुरु जी का प्रेम भरा पत्र आशीर्वाद के रूप में पाकर साध-संगत एक-दूसरे को बधाईयां दे रही हैं। वहीं रोहतक सफाई महा अभियान को लेकर भारी उत्सुकता देखने को मिल रही है। दूसरी ओर अपनी दाल गलती न देख काल के नुमाइंदों को साध-संगत की खुशी पच नहीं रही है। कर्मों के मारे ये निंदक झूठ का भ्रम जाल टूटता देख बुरी तरह बौखला गए हैं, अब भी ये तरह-तरह के हत्थकंडे अपना रहे हैं। दूसरी ओर साध-संगत इनके नापाक मंसूबों से अच्छी तरह वाकिफ हो गई है। काल के नुमाइंदों के नापाक इरादों से सतर्क साध-संगत ने सच कहूँ प्रतिनिधियों से बात करते हुए अपने विचार कुछ इस प्रकार ब्यां किए।

    पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा ही है जिसने हमें बुराईयों से बचाया है। मैं 1995 से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ हूँ और पूज्य गुरू जी की शिक्षा पर चलते हुए अपनी आज ड्यूटी के बाद बचे समय का मानवता भलाई कार्यों को करके सदुपयोग करता हूँ। पूज्य गुरु जी की रहमत से आमजन को नेत्रदान के लिए भी जागरूक कर रहा हूँ, ताकि किसी की अंधेरी जिंदगी में उजाला हो सके। ये सब पूज्य गुरु जी की दया मेहर से ही संभव हो रहा है। मेरा अपने सतगुरु जी पर पूरा दृढ़ विश्वास है और हमेशा कायम रहेगा।’’
    -जसबीर सिंह, उपमंडल अधिकारी सिंचाई विभाग, यमुनानगर

    डेरा सच्चा सौदा सन् 1948 से ही मानवता भलाई कार्यों में लगा हुआ है। यहां चल रहे मानवता भलाई कार्यों की पूरी दुनिया में मिसाल दी जाती है। जात, धर्म से ऊपर उठकर यहां हर जरूरतमंद की मदद की जाती है। ये सब हो रहा है पूज्य गुरु जी की शिक्षाओं की बदौलत। कुछ लोग गलत मंशा से बेशक अफवाहें फैला रहे हैं, लेकिन हमारे विश्वास को टस से मस नहीं कर सकेंगे। बल्कि ऐसे लोगों का दोनों जहानों में मुंह काला होगा।’’
    -डॉ. कर्मबीर इन्सां, ब्लॉक भंगीदास जठलाना

    हमारा परिवार डेरा सच्चा सौदा से 32 सालों से जुड़ा हैं और अब हमारी चार पीढ़ी जुड़ी हुई हैं। परिवार के सभी सदस्य पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां में अपार श्रद्धा रखते हैं। पूज्य सतगुरू जी ने अपने पावन वचनों से मेरी असाध्य बीमारी को ठीक किया। मैं अपने अंतिम सांस तक पूज्य गुरु जी की शिक्षाओं पर चलते हुए मानवता भलाई कार्य करता रहूंगा। पूज्य गुरु जी हमारे लिए भगवान हैं। बुराई से जुड़े लोग बेशक कितनी निंदा-चुगली करते रहें लेकिन वे साध-संगत के दृढ़ विश्वास को राई के दाने जितना भी कम नहीं कर पाएंगे बल्कि साध-संगत तो पहले से भी ज्यादा दृढ़ हौंसले के साथ आगे बढ़ रही है।’’
    -जसवंत राय इन्सां सिलीकलां रादौर

    डेरा सच्चा सौदा पाक-पवित्र संस्था है। कुछ असामाजिक तत्वों के कहने से डेरा सच्चा सौदा की शान को कोई फर्क नहीं पड़ता। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने हमें सच की राह पर चलना सिखाया और उसी पर चलते रहेंगे। काल के नुमाइंदे चाहे कितना भी शोर मचा लें, वो साध-संगत की एकता को कम नहीं कर सकेंगे। पूज्य गुरु जी द्वारा दिखाए गए इन्सानियत के मार्ग पर पूरे बुलंद हौंसले के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।’’
    -मनोज इन्सां, पूर्व सरपंच घिलौर, यमुनानगर

    मैं तीन दशक से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी हूँ। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मानवता भलाई के कार्य करने सिखाए। अभी हाल में ही पूज्य गुरू जी ने रूहानी चिट्ठी के माध्यम से हमें बुराई से जुड़ी ताकतों से सतर्क रहने के लिए कहा है। साध-संगत पूज्य गुरु जी के वचनों पर चलते हुए पूरी तरह एकजुट है। काल के एजेंटों को मचाने दो जितना शोर मचाते हैं। उनकी दाल नहीं गलने वाली है, बल्कि उनका दोनों जहानों में मुंह काला होगा। हमारा अपने सतगुरु पर पूरा दृढ़ विश्वास है और डेरा सच्चा सौदा में बढ़ चढ़कर आएंगे और सेवा, सुमिरन और परमार्थ में हमेशा आगे रहेंगे। अब रोहतक सफाई महा अभियान में सतगुरु जी से बेशुमार खुशियां प्राप्त करेंगे।
    -गुरजीत इन्सां, बिलासपुर (यमुनानगर)’’

    संत न आते जगत में तो जल मरता संसार। संत पूरी दुनिया ही नहीं बल्कि त्रिलोकियों का उद्धार करने आते हैं। इतिहास गवाह है जब-जब संतों ने इस धरा पर बुराइयों को खत्म करने के लिए कदम बढ़ाए तो बुराई से जुड़े लोगों ने हमेशा उनकी खिलाफत की है। लेकिन बुराई से जुड़े इन लोगों को हमेशा मुंह की खानी पड़ी है। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने इस घोर कलियुग में इन्सानियत के ऐसे बेमिसाल कार्य किए हैं, जो किसी अजूबे से कम नहीं हैं। लेकिन कुछ लोग साध-संगत की एकजुटता को तोड़ने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं, लेकिन ऐसे खुराफाती कभी सफल नहीं होंगे।’’
    -सविता इन्सां, ब्लॉक कनीना

    पूज्य गुरु जी द्वारा भेजी गई चिट्ठी से डेरा विरोधी ताकतों का सफाया हो गया है और सारी मनगढ़त अफवाहों पर पूर्ण विराम लग गया। कहते हैं ‘संत जहां भी होत हैं, सब की माँगत खैर’ शाही चिट्ठी के माध्यम से पूज्य गुरु जी ने एक बार फिर ये सिद्ध कर दिखाया है जब आपजी ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की समाप्ति के लिए प्रार्थना की और साध-संगत से भी ऐसा करने का आह्वान किया। मैं 100 नहीं 1000% दावे के साथ कहती हूँ कि छह करोड़ की छह करोड़ साध-संगत अपने सतगुरु जी पर पूर्ण दृढ़ विश्वास के साथ डेरा सच्चा सौदा के साथ खड़ी और हमेशा खड़ी रहेगी और पूज्य गुरु जी ने हमेशा सभी धर्मों का सत्कार किया है और हमें भी यही शिक्षा दी है।’’
    -सुनीता इन्सां, एमएसजी कॉम्पलेक्स सरसा।

    पूज्य पिता जी का शाही पत्र पाकर दिल खुशी से नाच उठा और डेरा विरोधियों को करारा जवाब मिला। साथ ही रोहतक सफाई महा अभियान में बढ़ चढ़कर सेवा करेंगे। डेरा सच्चा सौदा दरबार के खिलाफ साजिशें रचने वाले चाहे कितना भी जोर लगा लें, वे अपने नापाक मंसूबों में सफल नहीं होंगे। आदरणीय शाही परिवार, पूरी डेरा मैनेजमेंट और साध-संगत एकजुटता के साथ मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ते रहेंगे।’’
    -गोरू इन्सां, एमएसजी कॉम्पलेक्स

    कुछ मनमते लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए सोशल मीडिया पर साध-संगत को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इन निदंकों की कोई भी साजिश कामयाब नहीं होगी। साध-संगत पूज्य गुरु जी पर पूरा दृढ़ विश्वास रखते हुए सेवा, सुमिरन और परमार्थी राह पर आगे बढ़ रही है। हमें पूर्ण विश्वास है कि ऊपरी अदालतों में सच की जीत जरूर होगी और पूज्य गुरु जी हमारे बीच पधारेंगे।’’
    -निंदी सोनी इन्सां, संगरिया (हनुमानगढ़)

    पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने शाही पत्र के माध्यम से अपने करोड़ों प्यारे बच्चों को जो प्यार भेजा है, उसकी खुशी को शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है। पूज्य गुरू जी के उपकारों का ऋण एक जन्म तो क्या अनेकों जन्मों में भी नहीं चुका सकते। लेकिन कुछ लोग अनर्गल बातें करके साध-संगत के सतगुरु जी पर दृढ़ विश्वास को ठेस पहुंचा रहे हैं, जो घोर निंदनीय है। ऐसे लोगों से साध-संगत पूरी तरह सजग है और बुराई के नुमाइंदों की दाल नहीं गलने वाली है।’’
    -राजेन्द्र इन्सां, गाँव जभाला, करनाल

    पूज्य गुरू जी द्वारा बताए गए इन्सानियत के मार्ग पर हमेशा चलते रहेंगे और डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई के कार्यों में हमेशा सहयोग करता रहूंगा। पूज्य गुरू जी ने हमें सभी धर्मों का आदर सत्कार करना सिखाया है। साथ ही पूज्य गुरू जी ने रूहानी चिट्ठी के माध्यम से साध-संगत को भ्रम फैलाने वाले लोगों से सचेत रहने के लिए कहा है। क्योंकि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से मनगढ़ंत कहानियां गढ़कर साध-संगत को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन ये लोग मुंह की खाएंगे। क्योंकि डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत एक थी, एक है और हमेशा एक ही रहेगी।’’
    -हिस्म सिंह इन्सां, असंध

    पूज्य गुरू जी पर हमारा विश्वास अटूट है और इसे दुनिया की कोई भी ताकत कम नहीं कर सकती। कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर अफवाहे फैलाकर साध-संगत को डेरा से दूर करना चाहती है, लेकिन उनके गलत मनसूबे किसी भी सूरत मे कामयाब नहीं होंगे। साध-संगत का अपने सतगुरु जी पर दृढ़ विश्वास आखिरी दम तक कायम रहेगा।’’
    -तेजपाल इन्सां, उपलाना

    पूज्य गुरू जी की चिट्ठी सुनकर रूह को बेहद सुकुन मिला। साथ ही अपने सतगुरू के प्रति प्रेम और श्रद्धाभाव और भी बढ़ जाता है। गलत मंशा से सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वाले साध-संगत के दृढ़ विश्वास को तिनके जितना भी कम नहीं कर पाएंगे। पूज्य गुरु जी ने भी रूहानी चिट्ठी में फरमाया था कि निंदा-चुगली में मशगूल रहने वाला हमारा शिष्य नहीं हो सकता। इसलिए साध-संगत सच्चाई से अच्छी तरह वाकिफ है और काल के नुमाइंदों के जाल में फंसने वाली नहीं है। मैं अपने सतगुरु जी को बारम्बार सजदा करता हूँ, जिन्होंने करोड़ों लोगों की बुराईयां छुड़वाकर उन्हें राम नाम से जोड़ा।’’
    -पुष्पेन्द्र इन्सां, असंध

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