हमसे जुड़े

Follow us

29.3 C
Chandigarh
Thursday, February 26, 2026
More
    Home देश Rajasthan New...

    Rajasthan News: निकाय चुनाव रोकने सुप्रीम कोर्ट पहुंची राजस्थान सरकार, 113 निकायों का दिया ये हवाला

    Rajasthan News
    Bhajan Lal Sharma and Diya Kumari

    Rajasthan Municipal Elections 2026: जयपुर। राजस्थान सरकार ने 113 शहरी निकायों के प्रस्तावित चुनाव स्थगित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सरकार का कहना है कि वार्ड परिसीमन प्रक्रिया को Rajasthan High Court द्वारा निरस्त किए जाने के बाद उसे पुनः संपन्न करना अनिवार्य हो गया है, इसलिए चुनाव कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। Rajasthan News

    राज्य सरकार ने विशेष अनुमति याचिका के माध्यम से निवेदन किया है कि 309 में से 113 शहरी स्थानीय निकायों में परिसीमन की आंतरिक सीमाओं में किए गए संशोधनों को उच्च न्यायालय ने त्रुटिपूर्ण ठहराते हुए रद्द कर दिया था। ऐसे में संशोधित सीमांकन के आधार पर चुनाव कराना विधिसम्मत नहीं होगा।

    उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि संबंधित निकायों में वार्डों की कुल संख्या यथावत रखते हुए उनकी सीमाओं में परिवर्तन किया गया, जिसे विधिक कसौटी पर सही नहीं पाया गया। परिणामस्वरूप, नई प्रक्रिया अपनाकर परिसीमन दोबारा करना आवश्यक हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार का तर्क है कि जब तक परिसीमन की त्रुटियों को दूर कर अंतिम रूप नहीं दिया जाता, तब तक चुनाव कराना भविष्य में कानूनी विवादों को जन्म दे सकता है। Rajasthan News

    राज्य सरकार को 31 दिसंबर तक परिसीमन पूर्ण करने का निर्देश दिया था

    गत वर्ष 14 नवंबर को उच्च न्यायालय ने लंबित याचिकाओं का निस्तारण करते हुए राज्य सरकार को 31 दिसंबर तक परिसीमन पूर्ण करने और 15 अप्रैल तक पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव कराने का निर्देश दिया था। बाद में मामले से संबंधित अपीलों की सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने भी 15 अप्रैल की समय-सीमा का उल्लेख किया था। अब राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया है कि परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की अनुमति प्रदान की जाए।

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में राज्य में 196 शहरी स्थानीय निकाय थे। इसके बाद छह वर्षों में 113 नए निकाय गठित किए गए हैं, जहां पहली बार चुनाव आयोजित किए जाने हैं। ऐसे में परिसीमन की प्रक्रिया का सटीक और पारदर्शी होना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आगामी सुनवाई का परिणाम यह तय करेगा कि 15 अप्रैल की समय-सीमा यथावत रहेगी या उसमें संशोधन किया जाएगा। यह निर्णय राज्यभर के सौ से अधिक शहरी निकायों के निर्वाचन कार्यक्रम को सीधे प्रभावित करेगा। Rajasthan News