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    उदयभान हरियाणा कांग्रेस के नए प्रधान

    चंडीगढ़। कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा कांग्रेस में बड़ा बदलाव करते हुए देश की राजनीति में आयाराम-गयाराम कहावत के जनक रहे गयालाल के बेटे उदयभान को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंप दी है। वहीं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी शैलजा का इस्तीफा पार्टी ने मंजूर कर लिया है। हरियाणा में उदयभान पार्टी का दलित चेहरा हैं और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी बताए जाते हैं। वहीं चार कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए हैं, जिनमें श्रुति चौधरी, राम किशन गुज्जर, जीतेंद्र कुमार भारद्धाज और सुरेश गुप्ता शामिल हैं।

    अनुसूचित समुदाय से आते हैं उदयभान

    उदयभान, जिन्हें हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है, वे हरियाणा की राजनीति में आया-राम गया राम कहावत के जनक रहे गयालाल के बेटे हैं। उदयभान अनुसूचित समुदाय से आते हैं। उदयभान पहली बार 1987 में हस्सनपुर आरक्षित सीट से विधायक बने। उस समय उन्होंने लोकदल की टिकट पर कांग्रेस के छोटेलाल को 4472 वोटों के अंतर से हराया। 1991 के चुनाव में उदयभान महज 835 वोटों के अंतर से कांग्रेस के रामरतन से चुनाव हार गए। इसके बाद 1996 में उदयभान लोकदल के जगदीश कुमार से 5570 वोटों से चुनाव हारे। साल 2000 के चुनाव में उदयभान ने आजाद उम्मीदवार के रूप में भाग्य आजमाया। इस बार उदयभान ने इनैलो के जगदीश कुमार को 4855 वोटों के अंतर से पराजित किया। 2005 के चुनाव में हस्सनपुर सीट से ही उदयभान ने इनैलो के जगदीश कुमार को करीब 5300 से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया। परिसीमन के बाद हस्सनपुर हलका नहीं रहा और 2009 के विधानसभा चुनाव में उदयभान ने होडल सीट से भाग्य आजमाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। 2014 में होडल से पहली और कुल मिलाकर चौथी बार विधायक चुने गए। उदयभान इस बार प्रदेशाध्यक्ष बनने को लेकर चर्चा में हैं।

    आया राम गया राम की कहावत का जन्म

    आया राम गया राम की कहावत का जन्म हरियाणा में ही हुआ। इस कहावत को जन्म दिया गयालाल ने। हस्सनपुर से पहली बार साल 1967 में गयालाल विधायक चुने गए थे। 9 घंटे में तीन बार दल बदला। संयुक्त मोर्चा के नेता राव बीरेंद्र सिंह गयालाल को लेकर चंडीगढ़ में मीडिया के सामने हाजिर हुए। राव बोले गयाराम अब आयाराम है। यह कहावत पांच दशक पुरानी है। पर इस कहावत के जनक गयालाल की कहानी एक बार फिर से चर्चा में है। अपने शुरूआती जीवन में ही गयालाल ने सामाजिक और सियासी गतिविधियों में शिरकत शुरू की थी। 1955 में वे नगरपार्षद चुने गए। लगातार बीस साल तक होडल नगरपालिका के उपाध्यक्ष रहे। 1967 में गयालाल ने हस्सनपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। 10 हजार 458 वोट हुए गयालाल ने बतौर आजाद उम्मीदवार करीब 360 वोटों से जीत दर्ज की। हरियाणा गठन के बाद हुए इस पहले ही चुनाव में गयालाल सहित 16 आजाद विधायक चुने गए थे, जो आज भी एक रिकॉर्ड है। उस समय कुल 81 विधानसभा क्षेत्र थे। 48 पर कांग्रेस को जीत मिली।

    भारतीय जनसंघ के 12 विधायक तो स्वतंत्र पार्टी के तीन विधायक चुने गए। मार्च 1967 में भगवत दयाल शर्मा मुख्यमंत्री बन गए। इसके कुछ समय बाद ही शर्मा का सिंहासन डोलने लगा। राव बीरेंद्र सिंह अंदरखाते कांग्रेस के विधायकों को तोड़ रहे थे। राव बीरेंद्र सिंह कांग्रेस से बागी होकर संयुक्त मोर्चे की अगुवाई कर रहे थे। इसी बीच गयालाल नाम का शख्स हरियाणा ही नहीं देश की राजनीति में चर्चा में आ गया। गयालाल पहले कांग्रेस के साथ हो गए, कुछ घंटे बाद वे संयुक्त मोर्चा में आ गए, फिर पाला बदल डाला। 9 घंटे के भीतर तीन बार दल-बदल किया। जब फिर से संयुक्त मोर्चा में आए, तब चंडीगढ़ में राव बीरेंद्र सिंह गयालाल को मीडिया के सामने लाते हुए कहते हैं गयाराम अब आयाराम हैं। तभी से हरियाणा में दल-बदल का खेल शुरू हुआ, जो आज तक जारी है। आयाराम-गयाराम की कहावत ने भी तभी जन्म लिया। खैर अब गयालाल के बेटे उदयभान कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष बन गए हैं। उदयभान ने अपने राजनीतिक कॅरियर का आगाज सरपंच के रूप में किया। इसके अलावा पंचायत समिति के चेयरमैन के अलावा विकास समिति होडल के वाइस चेयरमैन भी रहे।

    हुड्डा और सैलजा ने दी बधाई

    उदयभान को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं की भी प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिनमें नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हमारे जुझारू व कर्मठ साथी उदयभान जी को हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष व श्रुति चैधरी, राम किशन गुर्जर, जितेंद्र भारद्वाज, सुरेश गुप्ता को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का आभार। यह फैसला हरियाणा कांग्रेस संगठन को मजबूती प्रदान करेगा। वहीं कांग्रेस की मौजूदा अध्यक्ष रही कुमारी सेलजा ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर उदय भान जी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देती हूं। कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर श्रुति चैधरी, रामकिशन गुर्जर, जितेंद्र भारद्वाज, सुरेश गुप्ता को भी शुभकामनाएं देती हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाएगी।

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