वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के साथ बढ़े हाल के तनाव के बीच अपनी पांचवीं पीढ़ी के एफ-35ए लड़ाकू विमानों को यूरोप में तैनात करना शुरू कर दिया है। हालांकि, इन विमानों का अंतिम गंतव्य फिलहाल स्पष्ट नहीं है। द वॉर जोन पोर्टल ने ओपन-सोर्स डेटा के हवाले से यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, ये एफ-35ए लड़ाकू विमान पहले वेनेजुएला से जुड़े एक अमेरिकी आॅपरेशन के तहत प्यूर्टो रिको में तैनात थे और अब पुर्तगाल के लाजेस एयर बेस पर उतरे हैं। सोशल मीडिया पर उपलब्ध एक वीडियो में इन विमानों की लैंडिंग देखी गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इससे पहले अमेरिकी एफ/ए-18जी लड़ाकू विमान भी स्पेन की ओर उड़ान भर चुके हैं।
द वॉर जोन के मुताबिक, जून 2025 में ईरान पर किए गए अमेरिकी हमले के दौरान ईरानी वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय करने में एफ-35ए विमानों ने अहम भूमिका निभाई थी। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 के अंत में ईरान में स्थानीय मुद्रा रियाल के कमजोर होने से महंगाई बढ़ने की आशंकाओं के बीच विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। कई शहरों में ये प्रदर्शन हिंसक हो गए और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच झड़पें हुईं। इस दौरान सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए। रिपोर्टों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के हताहत होने की भी खबरें आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह कहा था कि एक “विशाल नौसैनिक बेड़ा” तेजी से और पूरी ताकत के साथ ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो भविष्य में ईरान पर होने वाला कोई भी अमेरिकी हमला पहले से कहीं अधिक गंभीर होगा। ट्रंप इससे पहले ईरान में प्रदर्शनकारियों के समर्थन की घोषणा कर चुके हैं और हमलों की धमकी भी दे चुके हैं। तेहरान ने इन बयानों की कड़ी निंदा करते हुए इसे ईरान की संप्रभुता के लिए खतरा बताया है।















