US-Iran Tensions: वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की ओर से संकेत मिले हैं कि आने वाले 10–15 दिनों में ईरान के विरुद्ध सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। अमेरिकी प्रशासन से जुड़े सूत्रों के हवाले से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह कदम तेहरान पर नई परमाणु शर्तें स्वीकार करने के लिए दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। US-Iran News
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित कार्रवाई “लिमिटेड स्ट्राइक” के रूप में हो सकती है, जिसका उद्देश्य व्यापक युद्ध छेड़े बिना ईरान को वार्ता की मेज पर लाना बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यदि प्रारंभिक कार्रवाई को मंजूरी मिलती है तो कुछ चुनिंदा सैन्य या सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। आगे की रणनीति ईरान की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों में कहा कि “या तो समझौता होगा, या किसी न किसी रूप में समाधान निकलेगा।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगले कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं की गई है। इसी बीच, पेंटागन द्वारा पश्चिम एशिया में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की खबरें भी सामने आई हैं। विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford के क्षेत्र के निकट पहुंचने की सूचना है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। US-Iran News
”किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा”
दूसरी ओर, Ali Khamenei ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। उनका कहना है कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार है। ईरान बार-बार यह दोहराता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम नागरिक उपयोग के लिए है और वह परमाणु हथियार विकसित करने की मंशा नहीं रखता।
गौरतलब है कि 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर होने के बाद दोनों देशों के बीच अविश्वास और प्रतिबंधों का दौर तेज हुआ। समय-समय पर समुद्री और क्षेत्रीय झड़पों ने हालात को और जटिल बनाया है। हालांकि, कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के प्रयास भी जारी बताए जा रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि सीमित सैन्य कार्रवाई होती है तो उसका प्रभाव केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, दुनिया की नजरें वॉशिंगटन और तेहरान के अगले कदम पर टिकी हैं। US-Iran News















