हमसे जुड़े

Follow us

12.6 C
Chandigarh
Tuesday, February 3, 2026
More

    डिपोर्ट ने दिए गहरे जख्म: सकुशल घर लौटने की ख़ुशी मनाये या कर्ज में डूबने का मातम

    Kaithal News
    Kaithal News: सकुशल घर लौटने की ख़ुशी मनाये या कर्ज में डूबने का मातम

    कमाना तो दूर की बात, जो पास में था वह भी गंवा बैठे

    • जमीन बेचीं, जंगल व जेलो में रहे और आखिर में खाली हाथ घर लौट आये

    कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। Indians Deported From America: समझ नहीं आ रहा है कि बेटे के आने की खुशी मनाएं या फिर कर्ज में डूबने का दर्द बयां करें। बेटा सकुशल आ गया, यह हमारे लिए अच्छी खबर है, पर कर्ज कैसे उतारेंगे यह चिंता का विषय है। यह किसी एक माता पिता का दर्द नहीं है, यह दर्द उन जयादातर परिवारों का जिनके बच्चे हाल ही मे अमेरिका से डिपोर्ट होकर घर लौटे है। बता दे की हरियाणा के कैथल जिले के 14 युवकों समेत 50 भारतीयों को अमेरिका ने हाल ही में डिपोर्ट कर दिया है। इन युवाओ और उनके परिजनों को विश्वास था कि वहां जाकर वह परिवार के लिए एक सुखद भविष्य बनाएंगे, लेकिन उनकी उम्मीदें और सपने उस समय धरे के धरे रह गए जब अमेरिका ने उन्हें डिपोर्ट कर दिया।

    अमेरिका से डिपोर्ट हुए युवाओं को यहां आने के बाद आर्थिक नुकसान का तो सामना करना ही पड़ा। साथ ही उन्हें कभी डोंकरों की तो कभी एजेंटों की यातनाएं भी झेलनी पड़ी। कमाना तो दूर की बात, जो पास में था वह भी गंवा बैठे। अब आगे भी परिवार की स्थिति कब तक सुधरेगी, इस बारे में कुछ नहीं पता। यही स्थिति उन युवाओं की हुई जो कर्ज लेकर विदेश के लिए निकले थे। अब उनके लिए कर्ज उतारना भी मुश्किल होगा, जिसे लेकर वे अमेरिका गए थे। आंकड़ों के मुताबिक, कैथल के कई गांवों के दो हजार के करीब युवा अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड जा चुके हैं। फरवरी के महीने में भी 18 लोग कैथल के डिपोर्ट हुए थे।

    दो एकड़ जमीन बेचकर भाई को भेजा | Kaithal News

    फरल के युवक सतनाम के भाई बलजीत ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ जमीन बेचकर उसके भाई को विदेश भेजा था। इसके लिए एजेंट ने उनसे 50 लाख रुपए ले लिए। उसका भाई डेढ़ साल पहले इटली गया था, वहां से डंकी के रास्ते अमेरिका भेज दिया। अब वह डिपोर्ट होकर वापस आ गया है। उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। जमीन भी गई और पैसे भी सारे लगए गए

    डेढ़ साल जेल में रहा

    डिपोर्ट होकर आए गुहला चीका ब्लॉक के निवासी के परिजन ने बताया कि उनके चाचा का लड़का व उसकी पत्नी करीब पौने दो साल पहले कनाडा गए थे। कनाडा से वे अमेरिका चले गए। वहां उन्हें जेल में बंद कर दिया। पत्नी जेल से बाहर निकल गई जबकि वह डेढ़ साल जेल में ही बंद रहा। रात को पुलिस का फोन आया था कि अमेरिका से भाई को लाया जा रहा है। Kaithal News

    एक किला ढाई कनाल जमीन बेच गया था विदेश

    अमेरिका से डिपोर्ट हुए एक युवक ने बताया कि नौ जनवरी 2024 को वह दिल्ली से ब्राजील गया था। 57 लाख रुपये एजेंट को दिए थे। रुपयों का इंतजाम करने के लिए एक किला ढाई कनाल जमीन बेचकर वह गया था। तभी से वह अमेरिका की जेल में पड़ा हुआ था। कुछ पैसे ब्याज पर लेकर दिए थे। पैनामा के जंगल से वह गया था। वह 14 महीने जेल काट कर वापस अपने जिला कैथल में आया है। जंगल, नदियां, रेगिस्तान और खतरनाक रास्तों से होकर चार से छह महीने में अमेरिका गया था।

    इन लोगों को किया गया अमेरिका से डिपोर्ट | Kaithal News

    कैथल
    नरेश कुमार
    कर्ण शर्मा
    मुकेश
    रितिक शर्मा
    सुखबीर सिंह
    अमित कुमार
    अभिषेक कुमार
    मोहित कुमार
    अशोक कुमार
    आशीष
    दमनप्रीत
    प्रभात
    सतनाम सिंह
    डायमंड।

    करनाल
    हुसन
    रजतपाल
    जैसंदीप
    तेजेंद्र पाल
    हरीश
    अंकुर सिंह
    विक्रम
    गुरजंत सिंह
    सचिन मलिक
    महेंद्र सिंह
    मनीष कुमार
    प्रियांशु चहल
    देवेंद्र सिंह
    सावन
    तुषार
    निखिल

    जींद
    अजय
    लब्जोत
    नवीन

    कुरुक्षेत्र
    हैप्पी सैनी
    प्रदीप कुमार
    अमन कुमार
    विक्रम सिंह
    पारस शर्मा।

    यमुनानगर
    अभिषेक
    सागर
    सूर्य प्रताप
    हर्ष

    रोहतक
    सन्नी

    अंबाला
    हरदेश
    साहिल
    तौशिक
    गुरसेव
    हरजिंद्र सिंह

    मामले में डीएसपी ललित यादव ने बताया कि पुलिस उनको दिल्ली से लेकर आई। जिनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था, उनको परिवार के हवाले कर दिया गया। जिनका आपराधिक रिकॉर्ड मिला उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    यह भी पढ़ें:– ग्रामीणों में रोष! कुछ दिन पहले नाली के किनारे पांच माह का भ्रूण मिलने के मामले में अभी तक नहीं हुई कोई कार्रवाई

     

    फोटो 27 ktl 6 फाइल फोटो