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    मानसून सिर पर, ड्रेनो की सफाई का कार्य 70 से 75 प्रतिशत हुआ

    Kaithal News
    Kaithal News : मानसून सिर पर, ड्रेनो की सफाई का कार्य 70 से 75 प्रतिशत हुआ

    Kaithal Newsबड़ा सवाल क्या मानसून से पहले हो पायेगा पूरा ?

    • 42 ड्रेनो के 287 किलोमीटर क्षेत्र की होनी है सफाई | Kaithal News
    • विभाग के पास बाढ़ से निपटने को 2 जेसीबी मशीन, 50 डीजल व 30 इलेक्ट्रिकल पंप
    • 40 जेई व 100 से ज्यादा कर्मचारी लगे है ड्रेनो के सफाई कार्य में

    कैथल (सच कहूं/कुलदीप नैन)। Drain Cleaning: प्रदेश में मानसून दस्तक देने वाला है। सिंचाई विभाग की ओर से ड्रेनों की सफाई का कार्य करवाया जा रहा है, लेकिन अभी कार्य पूरा नहीं हुआ है। इस तरह देखा जाये तो अभी तक जिले को बाढ़ से बचाने के प्रबंध अधूरे हैं। विभाग के आला अधिकारियों द्वारा ड्रेनों पर सफाई का लगभग 65 से 75 प्रतिशत कार्य पूरा होने की बात कही जा रही लेकिन ऐसे में सवाल ये है कि जब मानसून सिर पर है तो क्या ये बचा हुआ सफाई का कार्य मानसून की पहली बरसात से पहले पूरा हो जायेगा।

    42 ड्रेनो के 287 किलोमीटर क्षेत्र की होनी है सफाई | Kaithal News

    जिले में कुल 53 ड्रेन हैं, इनमें से 42 ट्रेनों की सफाई की बात कही जा रही है। कुल 287 किलोमीटर का क्षेत्र बनता है, जिसकी सफाई की जानी है। यह कार्य 30 जून तक पूरा करने का दावा विभाग की तरफ से किया जा रहा है। कैथल शहर से गुजर रही मानस ड्रेन, ग्योंग ड्रेन, गांव चंदाना, रोहेड़ियां, ब्राहणीवाला के नजदीक ड्रेन अभी भी गंदगी से अटी हुई है। जलकुंभी और अन्य प्रकार की झाड़ियों के कारण बारिश से पहले ही निकासी व्यवस्था खस्ताहाल में है। अगर जल्द सफाई का कार्य पूरा नहीं हुआ तो आगे तेज बारिश के मौसम में स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है।

    जल्दी ड्रेनो की सफाई करवाए विभाग : किसान

    किसान होशियार सिंह, रामफल, रामनिवास, सुरेश, नरेंद्र कुमार, राजेश व शमशेर ने बताया कि ड्रेनों की सफाई संबंधित कार्य में देरी हुई है। हालात देखकर परेशान किसान जल्द से जल्द ड्रेनों की सफाई करवाकर निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करवाने की मांग कर रहे हैं। अगर जल्द ऐसा नहीं होता है और बरसात ज्यादा होती है तो पिछले साल की तरह किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    विभाग के पास 2 जेसीबी मशीने

    बाढ़ प्रबंधों के कार्य में जुटे सिंचाई विभाग के पास दो जेसीबी मशीन, इसमें एक चेन वाली मशीन, 50 डीजल व 30 इलेक्ट्रिकल पंप है। ऐसे में अगर जिले में पिछले साल की तरह बाढ़ के हालात बने तो देखने वाली बात होगी विभाग कैसे बचाव करेगा। हालांकि विभाग का कहना है कि बाढ़ के हालत बनने पर प्राइवेट मशीनों को किराया पर लिया जाएगा और लोगो को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी | पिछले साल घग्गर नदी के टूटने से गुहला चीका क्षेत्र के अनेक गांव प्रभावित हुए थे। Kaithal News

    सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता मंगत राम ने बताया कि जिले में ड्रेनों व नहरों की सफाई का कार्य चल रहा है। अब तक 70 से 75% कार्य पूरा हो चुका है। गुहला क्षेत्र में घग्गर नदी को लेकर उचित प्रबंध किए जा रहे। इस कार्य में 40 जेई व 100 से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

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