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Tuesday, February 3, 2026
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    फिर आंदोलन की राह पर रोडवेज कर्मी

    Then roadway workers on the road to agitation

    नाराजगी : आचार संहिता के बावजूद चालकों को हटाने से पनपा रोष

    • सरकार पर लगाया तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप

    रोहतक (सच कहूँ न्यूज)। सरकार द्वारा लगातार परिवहन विभाग एवं कर्मचारियों के विरुद्ध फैसले लेने से रोडवेज तालमेल कमेटी ने नए सिरे से आंदोलन की घोषणा की। शनिवार को स्थानीय रोडवेज यूनियन मुख्यालय में रोडवेज तालमेल कमेटी की प्रदेश स्तरीय बैठक समिति के वरिष्ठ सदस्यों वीरेन्द्र सिंह धनखड़, इन्द्र बधाना, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत की संयुक्त अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

      बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए समिति के वरिष्ठ सदस्य वीरेन्द्र सिंह धनखड़ ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चुनाव आचार संहिता के अंदर ही वर्ष 2016 में लगे पार्ट-1 व पार्ट-2 के चालक तथा दादरी डिपू के 52 तथा कर्मशाला स्टाफ के कर्मचारियों की परिवहन विभाग द्वारा 23 मई को ही मुख्यालय चंडीगढ़ से हटाने का पत्र आने के विरोध स्वरूप तालमेल कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 28 मई को राज्य भर के सभी डिपूओं में सुबह नौ बजे से 11 बजे तक दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

    • तालमेल कमेटी ने किया ऐलान-28 को पूरे प्रदेश में होंगे विरोध प्रदर्शन

    साथ ही आंदोलन के दूसरे चरण में 22 जून को कुरूक्षेत्र में राज्य स्तरीय कन्वैंशन करके आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि अंबाला, भिवानी, सिरसा तथा जींद डिपो में कर्मचारी नेताओं को बदले की भावना से सस्पैंड तथा दूसरी जगह स्थानातंरण किया गया। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि प्राइवेट गाड़ियां हायर करने के संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा मामले की जांच विजिलैंस को सौंपी गई है। इस जांच में अपना पक्ष रखने के लिए तालमेल कमेटी को 27 मई को पंचकुला विजिलैंस मुख्यालय में बुलाया गया है।

    उन्होंने बताया कि विभाग की एक गाड़ी पर 1.75 के हिसाब से चालक का नौरम निर्धारित है। आज परिवहन विभाग में चार हजार गाड़ियां है, जिससे सात हजार चालकों की जरूरत है। इसके साथ राज्य परिवहन के प्रत्येक डिपू में ट्रेनिंग सेंटर में भी चालको की जरूरत के मद्देनजर 7500 चालकों की आवश्यकता है, लेकिन आज विभाग में 6600 चालक कार्यरत हैं। इस हिसाब से चालको की भारी कमी होने के बावजूद भी प्रदेश सरकार तीन वर्ष का अनुभव रखने वाले चालको तथा कर्मशाला स्टाफ को बाहर निकाल रही है, जोकि सरकार की तानाशाही रवैये को दर्शाता है, जिसे रोडवेज तालमेल कमेटी किसी कीमत पर सहन नहीं करेगी। बैठक में तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सरबत सिंह पुनिया, पहल सिंह तंवर, दिनेश हुड्डा तथा आजाद गिल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

     

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