अदालतों का काम बड़े स्तर पर प्रभावित, जाँच में जुटी पुलिस
- वकीलों, कर्मचारियों और कैदियों ने कॉम्प्लेक्स के बाहर बिताया समय
संगरूर (गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार)। Sangrur News: सोमवार को संगरूर अदालत कॉम्प्लेक्स में बम की अफवाह से हड़कंप मच गया। पुलिस ने कुछ ही मिनटों में सभी अदालतों और वकीलों के चैंबर खाली करवा दिए। इस अफवाह के कारण दोपहर बाद अदालतों का कामकाज बड़े स्तर पर प्रभावित हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस को बम की सूचना मिलने पर संगरूर पुलिस बड़ी संख्या में अदालत परिसर में पहुंची और तुरंत पूरे कॉम्प्लेक्स को खाली करवाकर सर्च आॅपरेशन शुरू कर दिया। संगरूर न्यायिक परिसर में करीब 12 अदालतें हैं, जहाँ माननीय जज विभिन्न मामलों की सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने सारा काम बंद करवा दिया और न्यायिक स्टाफ को भी परिसर से बाहर भेज दिया। Sangrur News
कई घंटों की जांच के बाद शाम करीब चार बजे तक पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह महज अफवाह थी। हालांकि इस अफवाह के कारण अदालतों का कामकाज काफी प्रभावित हुआ। जानकारी के मुताबिक, आज बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई होनी थी, लेकिन दोपहर के बाद किसी भी अदालत में काम नहीं हो सका। इसके अलावा, अदालत परिसर में बने वकीलों के 200 से अधिक चैंबर भी पुलिस ने खाली करवा दिए, जिसके चलते वकील भी जांच में सहयोग के लिए बाहर चले गए। अदालत परिसर में काम करने वाले सभी कर्मचारी बाहर सड़कों के किनारे बैठकर कई घंटे इंतजार करते रहे। संगरूर के फेरूमन के बुत के पास एकत्र कर्मचारियों ने बताया कि पुलिस के निर्देश पर वे अपना काम छोड़कर बाहर समय बिता रहे हैं और जब तक अनुमति नहीं मिलती, तब तक वे ड्यूटी पर वापस नहीं जा सकते।
हवालाती और कैदी भी कॉम्पलैक्स के बाहर खड़े रहे | Sangrur News
दूसरी ओर, अदालत का काम रुकने के कारण पेशी पर आए हवालातियों और कैदियों को भी जेल कर्मचारियों ने हथकड़ियों सहित कॉम्प्लेक्स के बाहर खड़ा रखा। बड़ी संख्या में महिला वकील भी अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठकर पुलिस जांच पूरी होने का इंतजार करती नजर आईं।
इस संबंध में बातचीत करते हुए संगरूर के वरिष्ठ वकील नरेश कुमार जुनेजा ने बताया कि पुलिस द्वारा चैंबर खाली करने के लिए कहा गया था, जिस कारण वे बाहर आए। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, जिस पर पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना के कारण आज अदालत का काम बड़े स्तर पर प्रभावित हुआ है।















