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    Himachal heavy rain damage: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश भारी तबाही! 400 करोड़ की संपत्ति हुई नष्ट, 63 लोग गए मौत के मुँह में

    Himachal Pradesh News
    Himachal heavy rain damage: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश भारी तबाही! 400 करोड़ की संपत्ति हुई नष्ट, 63 लोग गए मौत के मुँह में

    Himachal heavy rain damage: शिमला। हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक राज्य में बारिश, बादल फटने और बाढ़ जैसी घटनाओं के चलते 63 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग ₹400 करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान दर्ज किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 7 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, विशेषकर पर्वतीय इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। Himachal Pradesh News

    मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित

    राज्य का मंडी जिला इस आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। थुनाग उपमंडल में सड़कों का जाल टूट गया है, बिजली और पेयजल आपूर्ति जैसे आवश्यक सेवाएं बुरी तरह बाधित हैं। जिला प्रशासन द्वारा थुनाग और जंझेली क्षेत्रों में हवाई मार्ग से 246 राशन किट वितरित की गई हैं।

    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव डीसी राणा ने बताया कि, “हमारे पास अब तक ₹400 करोड़ से अधिक की क्षति दर्ज की गई है, लेकिन वास्तविक नुकसान इससे अधिक हो सकता है। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत, बचाव और पुनर्स्थापन पर केंद्रित है।”

    40 लोग लापता, राहत कार्य जारी | Himachal Pradesh News

    मंडी जिले में 40 लोग लापता हैं। गुरुवार को बादल फटने और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं में 14 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय वायु सेना द्वारा खाद्यान्न के पैकेट हवाई मार्ग से गिराए गए हैं और पांच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।

    राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार:

    150+ घर,

    106 मवेशी शेड,

    31 वाहन,

    14 पुल,

    और कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

    अब तक 164 मवेशी मारे गए हैं, और 402 लोगों को बचाया गया, जिनमें से 348 मंडी जिले से हैं।

    रास्ते और संचार व्यवस्था प्रभावित | Himachal Pradesh News

    बारिश और भूस्खलन के चलते 246 सड़कें बंद हैं, जिनमें अकेले मंडी में 145 मार्ग बाधित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, 404 ट्रांसफार्मर और 784 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मनाली-केलांग मार्ग भी सोलंग नाले में बाढ़ के कारण अवरुद्ध हो गया है। वैकल्पिक रूप से यातायात को रोहतांग दर्रे की ओर मोड़ा गया है।

    शिमला के ढली क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है, हालांकि जनहानि की सूचना नहीं है। कैथलीघाट-ढली सड़क खंड पर लिंडीधार गांव में सड़क का तटबंध ढहने से लगभग छह मकानों पर खतरा मंडरा रहा है और सेब के अनेक पेड़ नष्ट हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा पूर्व चेतावनी के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। क्षेत्रीय समन्वय कार्य नेटवर्क कनेक्टिविटी की कमी के कारण बाधित है। इसी को देखते हुए दूरसंचार विभाग ने थुनाग क्षेत्र में ICR (इंट्रा-सर्कल रोमिंग) को सक्रिय किया है। साथ ही, आपातकालीन संचार हेतु ISAT प्रणाली भी तैनात की गई है।

    एनडीआरएफ और पुलिस बल तैनात

    राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा बल (SDRF), पुलिस व होमगार्ड की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। जल शक्ति विभाग ने पेयजल संकट को देखते हुए क्लोरीनीकरण के बाद गुरुत्वाकर्षण आधारित पेयजल योजनाएं लागू की हैं। मंडी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में, विधानसभा में विपक्ष के नेता श्री जयराम ठाकुर ने बताया कि उनका निर्वाचन क्षेत्र सेराज इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 500 से अधिक घरों को क्षति पहुँची है। Himachal Pradesh News