कुटेल फार्म हाउस में ब्रह्मभोज, शांति पाठ और रस्म पगड़ी का हुआ आयोजन
घरौंडा (सच कहूँ न्यूज़)। Gharaunda News: कुटेल स्थित कल्याण फार्म हाउस में रविवार को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की माता प्रेम कौर कल्याण की रस्म क्रिया श्रद्धा और सादगी के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में प्रदेश और देश के कई बड़े राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक हस्तियों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान परिवारजनों के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभी ने चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की।
रविवार को रस्म क्रिया में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक जगमोहन आनंद, विधायक योगेंद्र राणा, विधायक भगवानदास कबीरपंथी, विधायक रामकुमार कश्यप, पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा, मंत्री कंवर पाल गुर्जर और पूर्व मंत्री गीता भुक्कल सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी ने माता प्रेम कौर कल्याण के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान सुबह 11 बजे ब्रह्मभोज शुरू किया गया। इसके बाद दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक शांति पाठ और रस्म पगड़ी का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और सादगी का माहौल देखने को मिला, जहां लोगों ने शांतिपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की। Gharaunda News
बता दे कि माता प्रेम कौर कल्याण का 13 मार्च को बीमारी के चलते निधन हो गया था। 14 मार्च को कुटेल गांव की शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद 16 मार्च को हरिद्वार में परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ अस्थियों का विसर्जन किया गया।
सीएम बोले- त्याग और सादगी का जीवन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि माता प्रेम कौर कल्याण का जीवन त्याग, तपस्या और सादगी से भरा हुआ था। उन्होंने अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दिए और हमेशा उनकी उन्नति की कामना की। उन्होंने कहा कि हर मां का सपना होता है कि उसका बेटा ऊंचाइयों तक पहुंचे और हरविंद्र कल्याण में उनकी मां के संस्कार साफ दिखाई देते हैं।
राज्यपाल ने कहावत के जरिए किया याद | Gharaunda News
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने संबोधन में कहा कि “खंडहर ही बतलाते हैं कि इमारत बुलंद थी।” उन्होंने कहा कि माता प्रेम कौर का व्यक्तित्व सरल और प्रेरणादायक था। उन्होंने परिवार को इस तरह से संस्कारित किया कि आज पूरा परिवार मूल्यों और संस्कारों से परिपूर्ण नजर आता है।
हरविंद्र कल्याण ने साझा की बचपन की यादें
हरविंद्र कल्याण ने अपने संबोधन में भावुक होते हुए कहा कि उनकी माता ने कभी डांटा नहीं, बल्कि गलती होने पर प्यार से समझाया करती थीं। वह रात को पास बैठाकर कहानियों के माध्यम से सीख देती थीं। उन्होंने कहा कि मां का स्थान जीवन में सबसे ऊंचा होता है और उसे भगवान के समान माना जाता है। उन्होंने परमात्मा से प्रार्थना की कि उनकी माता को अपने चरणों में स्थान दे और आत्मा को शांति प्रदान करे।
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