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    महाशहीदों को नामचर्चा कर दी श्रद्धांजली, छह जरूरतमंद परिवारों को दिया राशन

    Naamcharcha
    Naamcharcha: शहीदों की श्रद्धांजली नामचर्चा में उपस्थित साध संगत, जरूरतमंद परिवारों को दिया गया राशन

    2001 में कोटड़ा जाते वक्त सड़क हादसे में दोनों ब्लॉक के छह सेवादार चोला छोड़ गए थे

    धनौरी/धमतान साहिब (सच कहूं/कुलदीप नैन)। Naamcharcha: ब्लॉक धमतान साहिब व ब्लॉक धनौरी के महाशहीदों के नमित दोनो ब्लॉकों की संयुक्त नामचर्चा बुधवार को एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र, दाता सिंह वाला में आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। नामचर्चा में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए धमतान साहिब, धनौरी और नरवाना ब्लॉक से सैकड़ों की संख्या में साध संगत पहुंची हुई थी। इस मौके पर शहीदों की याद में छह जरूरतमंद परिवारों को राशन भी वितरित किया गया।

    नामचर्चा में ब्लॉक प्रेमी सेवक व समूह साध संगत ने शहीदो को नारे के रूप में श्रद्धांजलि देकर नामचर्चा की शुरूआत की। इसके बाद कविराज भाइयों द्वारा चल दिए ओढ़ निभा के सतगुरु के प्यारे…, झूठा है ये देश तेरा नहीं बंदे प्यारे…., इस जगत सराय में ना दिल को लगाना…आदि भजनों के माध्यम से मनुष्य जीवन के लिए नाम की महिमा का गुणगान किया। नामचर्चा के अंत में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के रिकॉर्डिड अनमोल वचन साध-संगत को सुनाए गए। Naamcharcha

    बता दें कि ब्लॉक धमत्तान साहिब के गांव सुझवान के सेवादार जोगिंद्र, महावीर, बलवंती, राजेन्द्र और ब्लॉक धनौरी के सुरजा पिपलथा व सतपाल धनौरी 22 अक्टूबर 2001 को कोटड़ा (राजस्थान) में सेवा पर जाते समय एक सड़क हादसे में चोला छोड़ गए थे। उनकी याद में हर साल नामचर्चा का आयोजन किया जाता है।

    जो भी जीव डेरा सच्चा सौदा से नाम ले लेता है सतगुरु उसकी यहां वहां दोनों जहानों में संभाल करता है और कोई इस तरह ओढ निभाकर चले जाते है तो ऐसे परिवारों की तो सतगुरु पल पल संभाल करते है। ये परिवार जैसे पहले सेवा से जुड़े हुए थे वैसे ही आज भी जुड़े हुए है। इस संसार से सभी ने जाना है लेकिन इस तरह सेवा के दौरान सतगुरु के चरणों में ओढ निभा जाना बहुत बड़ी बात है। तभी तो पूज्य गुरु जी ने इनको महाशहीदों का दर्जा दिया।
                                                                                                   -वजीर इंसा, 85 मेंबर हरियाणा

    ये तो सतगुरु की मर्जी होती है किस जीवात्मा को इस संसार से लेकर जाना है और किसे नहीं। ये सभी सेवादार ऐसे थे जिन्होंने ब्लॉक के गांव गांव में जाकर राम नाम का प्रचार किया और बाहर दूर दूर के राज्यों के जाकर भी राम नाम की अलख जगाई। ये सभी भाई बहन तन मन धन से हमेशा सेवा में अग्रणी रहते थे।
                                                                                                      -रमेश इंसा धमतान साहिब

    ये नामचर्चा शहीदों की याद में लगाई जाती है। साध संगत द्वारा एक जगह बैठकर राम नाम का गुणगान करना इन भाई बहनों को सच्ची श्रद्धांजली है। इन शहीदों की यादें हमेशा हमारे दिलों में ताजा रहेगी। सतगुरु इन परिवारों को हमेशा खुशियों से लबरेज रखे। Naamcharcha
                                                                                                    -धर्मपाल इंसा धमतान साहिब

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