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Saturday, February 7, 2026
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    Dental college student suicide: डेंटल कॉलेज की छात्रा ने की आत्महत्या, दो शिक्षक निष्कासित

    Mumbai News
    Sanketik photo

    Dental college student suicide: उदयपुर। पैसिफिक डेंटल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, उदयपुर में अंतिम वर्ष की छात्रा श्वेता सिंह (25) द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। श्वेता जम्मू-कश्मीर की निवासी थीं और उनके पिता पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। गुरुवार रात्रि लगभग 11 बजे श्वेता ने छात्रावास के अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। रूममेट द्वारा देखे जाने पर उन्हें तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई, परंतु चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Udaipur suicide case

    मौके से बरामद एक हस्तलिखित सुसाइड नोट में श्वेता ने दो शिक्षकों—माही मैम और भगवत सर—पर मानसिक एवं भावनात्मक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा कि बीते दो वर्षों से उसे लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा आंतरिक परीक्षाओं में जानबूझकर देरी की गई, मेहनती छात्रों को असफल घोषित किया गया, जबकि पैसे लेकर कुछ छात्रों को पास कर दिया गया।

    सैकड़ों छात्रों ने मुख्य प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया

    घटना की सूचना फैलते ही शुक्रवार प्रातः सैकड़ों छात्र कॉलेज परिसर में एकत्र हुए और मुख्य प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। बढ़ते दबाव और आक्रोश को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने सुसाइड नोट में नामित दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। साथ ही कॉलेज के संचालक राहुल अग्रवाल ने प्रिंसिपल रवि कुमार को चेतावनी देते हुए छात्रों को आश्वासन दिया कि दो से तीन महीनों में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

    इस पूरे मामले की जांच सुखेर थाना पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और कॉलेज प्रशासन के सहयोग से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। छात्रों के अनुसार, श्वेता “ऑड बैच” की छात्रा थीं—इसमें वे विद्यार्थी शामिल होते हैं जो परीक्षा छूटने या 75% उपस्थिति पूरी न होने के कारण पीछे रह जाते हैं। नियमानुसार, ऐसे छात्रों के लिए छह माह में पुनः परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए, किंतु श्वेता की बार-बार गुहार के बावजूद परीक्षा आयोजित नहीं की गई। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीन रवैये ने श्वेता को मानसिक रूप से तोड़ दिया। Udaipur suicide case

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