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    यूपी सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 350 रुपये क्विंटल किया

    ganne ki kheti

    लखनऊ (एजेंसी)। तीन नये कृषि कानून को लेकर किसान संगठनों के धरना प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना समर्थन मूल्य में 25 रूपये का इजाफा कर किसानो के चेहरे पर मुस्कान ला दी।
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि अब तक जो गन्ना 325 रूपये प्रति क्विंटल कर दर से खरीदा जाता था, वह अब 350 रूपये प्रति क्विंटल में खरीदा जाएगा। इसी तरह 315 रूपये प्रति क्विंटल वाले सामान्य प्रजाति के गन्ने की कीमत अब 340 रूपये प्रति क्विंटल होगी। यही नहीं, अस्वीकृत प्रजाति माने जाने वाले करीब 01 फीसदी गन्ने के मूल्य में भी 25 रूपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। अब तक 310 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जाने वाला अस्वीकृत गन्ना भी अब 335 रूपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने किसानों के बिजली बिल के बकाये पर ब्याज माफ करने की घोषणा की है।
    लखनऊ स्थित डिफेन्स एक्सपो कार्यक्रम स्थल में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुये योगी ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का आधार किसान और गरीब कल्याण है। प्रदेश के 45.44 लाख किसानों को इस वर्ष बढ़े हुए गन्ना मूल्य से लगभग 4,000 करोड़ रूपये की अतिरिक्त धनराशि की प्राप्ति होंगी।
    उन्होने सपा-बसपा सरकारों के कार्यकाल में चीनी मिलों की बंदी की याद दिलाते हुए 2004 से 2014 तक के कार्यकाल को देश और प्रदेश के लिए ‘अंधकार युग’ बताया। उन्होंने कहा कि तब यहां अराजकता और गुंडागर्दी का बोलबाला था। प्रदेश का किसान आत्महत्या को मजबूर था और गरीब भूख से मर रहा था।
    सपा शासन काल के मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाते हुए योगी ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे में मरने वाला अगर कोई था तो किसान था। किसानों के बेटे थे। हमारी सरकार में कोई दंगा नहीं हुआ। अगर किसी ने दंगा करने की कोशिश की तो उसकी सात पीढ़ियां जुर्माना भरते-भरते खप जाएंगी। योगी ने कहा कि जब किसान आत्महत्या कर रहा था, तब सपा-बसपा और कांग्रेस के लोग कहां थे। पिछली सरकारें किसानों के पेट पर लात मार रही थी। किसानों से छल करने वाली कांग्रेस को जनता ने बोलने लायक नहीं छोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोगों के गाय-भैंस गायब हो जाते थे, चोरी कर लिए जाते हैं। पर आज स्थिति बदल चुकी है।

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