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Saturday, February 7, 2026
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    नौनिहालों को 30 से पिलाई जाएगी विटामिन-ए

    Vitamine A

    आंगनबाड़ी केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, उप जिला अस्पताल एवं जिला अस्पताल पर पिलाई जाएगी दवा

    श्रीगंगानगर, सच कहूँ न्यूज। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रतौंधी सहित अन्य आंखों की बीमारियों (Vitamine A) से बचाव के लिए जिले में 30 अप्रैल से विटामिन-ए पिलाने का अभियान चलेगा। यह चरण संपूर्ण राज्य में एक साथ होने जा रहा है जो आगामी 30 मई तक निरंतर चलेगा। इस दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। कार्यक्रम प्रभारी एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहता ने बताया कि मंगलवार को पुरानी आबादी यूपीएचसी में सुबह 10 बजे विधिवत रूप से बच्चों को दवा पिलाकर कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा।

    एक माह चलेगा अभियान, नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों दी जाएगी दवा

    सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि विटामिन ए की दवा आंगनबाड़ी केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप जिला अस्पताल एवं जिला अस्पताल पर पिलाई जाएगी। यह खुराक छह माह के अन्तराल से पिलाई जाती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए आखों की बीमारियों जैसे रत्ांौधी व अंधता से बचाव के साथ-साथ बच्चों में शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए भी आवश्यक है। विटामिन-ए से बच्चों में दस्त एवं निमोनिया आदि बीमारियों के घातक प्रभाव में कमी लाई जा सकती है।

    विटामिन के जरिए पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्युदर में भी कमी आती है। इस दौरान एक से पांच साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को विटामिन-ए की दो एमएल खुराक पिलाएंगी एवं नौ माह के बच्चों को जिन्हें मिजल्स के साथ विटामिन-ए नहीं दी गई है, को विटामिन-ए की एक एमएल खुराक पिलाई जाएगी। जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं हैं, वहां एएनएम एक से पांच साल तक के बच्चों को यह खुराक पिलाएगी।

    इसलिए आवश्यक है विटामिन-ए

    विटामिन ए शरीर में अनेक अंगों को सामान्य रूप में बनाए रखने में मदद करता है जैसे कि त्वचा, बाल, नाखून, ग्रन्थि, दांत, मसूडा और हड्डी। सबसे महत्वपूर्ण स्थिती जो कि सिर्फ पोषक ए के अभाव में होती है, वह है अंधेरे में कम दिखाई देना, जिसे रतौंधी भी कहते हैं। इसके साथ आंखों में आंसू के कमी से आंख सूख जाते हैं और उसमें घाव भी हो सकता है। बच्चों में पोषक ए के अभाव में विकास की गति धीमि हो जाती है, जिससे उनके कद पर असर हो सकता है। त्वचा और बालों में भी सूखापन हो जाता है और उनमें से चमक चली जाती है। संक्रमित बीमारी होने का संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बच्चों को विटामिन ए की खुरान अवश्य पिलानी चाहिए, जो कि राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी।

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