स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(एसआईआर) कार्य में पिछड़ रही कैराना विधानसभा
- मतदाताओं पर बेअसर साबित हो रही है निर्वाचन आयोग द्वारा की जा रही अपील
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(एसआईआर) के तहत जारी किए गए नोटिस के निस्तारण में अपीलार्थी रुचि नही दिखा रहे है, जिसके चलते नोटिस निस्तारण का कार्य धीमी गति से चल रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कैराना विधानसभा में कुल 17,334 लोगो को नोटिस जारी किए गए है, जिनमें से मात्र पांच हजार लोगों की ही सुनवाई हो पाई है।
भारत निर्वाचन आयोग ने विगत वर्ष चार नवंबर से देश के कई राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू थी। इन राज्यों में उत्तर-प्रदेश भी शामिल है। एसआईआर कार्य पूरा कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने पूरा जोर लगा रखा है, परन्तु आयोग की तमाम कोशिशों के बावजूद विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य आधा-अधूरा है। एसआईआर कार्य को पूरा कराने के लिए आयोग ने शुरू में 26 दिसंबर की तिथि निर्धारित की थी, जिसे अब तक कई बार बढ़ाया जा चुका है। विगत दिनों आयोग द्वारा एसआईआर कार्य हेतु निर्धारित की गई अंतिम तिथि को 06 फरवरी से बढ़ाकर 06 मार्च किया गया है।
एसआईआर प्रक्रिया में प्रतिभाग न करने अथवा अधूरे दस्तावेज व जानकारी उपलब्ध कराने वाले मतदाताओं को निर्वाचन आयोग के निर्देश पर नोटिस जारी किये गए है। अकेले कैराना विधानसभा में 17,334 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए है। यह आंकड़ा विधानसभा के कुल मतदाताओं को 5.31 फीसदी है। नोटिस की सुनवाई हेतु एक इलेक्ट्रोल रजिट्रेशन ऑफिसर(ईआरओ) तथा दस असिस्टेंट इलेक्ट्रोल रजिट्रेशन ऑफिसर(एईआरओ) नियुक्त किये गए है। विगत 22 जनवरी से नोटिस निस्तारण का कार्य चल रहा है, लेकिन ये अधिकारी बीस दिनों में केवल पांच हजार अपीलार्थियों के नोटिस पर ही सुनवाई कर पाए है। Kairana News
नोटिस निस्तारण कराने में अपीलार्थियों के कम रुचि लेने पर कैराना में एसआईआर मैपिंग का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। वहीं, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी/तहसीलदार कैराना अर्जुन चौहान ने बताया कि विधानसभा कैराना में कुल 17,334 मतदाताओं को एसआईआर के नोटिस जारी किए गए है, जिनमें से अभी तक केवल पांच हजार नोटिसों की सुनवाई हो पाई है। अपीलार्थी नोटिस निस्तारण में कम इंटरेस्ट दिखा रहे है।
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