Param Pita Shah Satnam Ji: सरदार हरबंस सिंह जी (पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का पहला नाम) अपने घर का छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा सामान पूजनीय साईं जी के हुक्मानुसार डेरे ले आए। अभी भी आप जी की कोई और परीक्षा होनी बाकी रह गई थी। शाम को पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ‘तेरावास’ से निकल कर सीधे आप जी द्वारा श्री जलालआणा साहिब गाँव से लाए गए सामान के पास आ गए। सामान के इतने बड़े ढेर को देखकर पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज ने फरमाया, ‘‘यह सामान किसका है?’’ MSG Maha Rahmokaram Month
साध-संगत ने बताया कि साईं जी, यह सामान श्री जलालआणा साहिब वाले सरदार हरबंस सिंह जी का है। पूजनीय बेपरवाह जी एकदम जोश में आकर बोले, ‘‘यह सामान डेरे में क्यों लाया गया है? किसने कहा था यहाँ लाने को? अगर कोई हमसे आकर पूछे कि भाई किसका घर तोड़ कर लाए हो, तो हम क्या जवाब देंगे? इसे अभी बाहर निकालो और सरदार हरबंस सिंह से कहो कि वह अपने सामान का आप ही पहरा दें।’’
पूजनीय साईं शाह मस्ताना जी महाराज के हुक्मानुसार आप जी द्वारा लाया गया सारा सामान डेरे के आगे पूर्व दिशा की ओर, सड़क के बराबर में रखवा दिया गया और आप जी को उसकी निगरानी हेतु बैठा दिया गया। प्यारे सतगुरु जी के खेल को देखकर आप जी जरा भी नहीं डोले। MSG Maha Rahmokaram Month















