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    किसान-सरकार की बैठक रही बेनतीजा, कृषि मंत्री ने कहा – इससे बेहतर हम कुछ नहीं कर सकते

    Farmer Protest

    नई दिल्ली (सच कहूँ डेस्क)। किसान संगठनों और सरकार के बीच बैठक खत्म हो गई है। आज की बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने जो प्रस्ताव दिया है वह आपके हित के लिए है। इससे बेहतर हम कुछ नहीं कर सकते। अगर आप का विचार बने एक बार सोच लीजिए। हम फिर मिलेंगे, लेकिन अगली कोई तारीख तय नहीं की गई।

    सरकार का प्रस्ताव:-

    सरकार ने बुधवार को किसान संगठनों को कृषि सुधार कानूनों को डेढ़ साल के लिए टालने का प्रस्ताव दिया था।

    कुछ किसान संगठन सरकार के प्रस्ताव पर अपना सकारात्मक रूख

    मोर्चा की बैठक से पहले पंजाब के किसान संगठनों की बैठक हुई। किसान नेताओं के अनुसार मोर्चा की बैठक के दौरान कुछ किसान संगठनों ने सरकार के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाने की राय व्यक्त की जबकि कुछ संगठनों ने कहा कि कृषि सुधार कानूनों को रद्द करने का यह स्वर्णिम अवसर है और किसानों को इसका लाभ उठाना चाहिए। उनका कहना था कि बाद ने इतना बड़ा आंदोलन करना संभव नहीं होगा।

    किसानों के साथ पुलिस अधिकारियों की आज होगी बैठक

    किसान संगठनों ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी के आउटर रिंग रोड पर ट्रेक्टर परेड निकालने की घोषणा की है। इस संबंध में आज किसान संगठनों और पुलिस अधिकारियों के बीच कल बैठक हुई थी जिसमें कोई निर्णय नहीं हो सका। पुलिस गणतंत्र दिवस के कारण किसानों को आउटर रिंग रोड पर ट्रेक्टर परेड नहीं निकालने देना चाहती है। किसानों के साथ पुलिस अधिकारियों की भी आज बैठक होगी।

    जानें अब तक कब-कब हुई किसानों की बैठक 

    1 दिसंबर 2020:-

    सरकार और किसान के बीच 1 दिसम्बर 2020 को बैठक हुई जिसमें किसानों ने तीनों कानून को वापस लेने की मांग रखी थी। इस बैठक में भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है।

    3 दिसम्बर 2020:-

    इस दिन भी सरकार और किसान के बीच 7 घंटे बैठक चली लेकिन कोई हल नहीं निकला।

    5 दिसम्बर 2020:-

    सरकार-किसान के बीच फिर से बैठक हुई जिसमें किसान नेता अपने हाथ में एक बोर्ड लेकर पहुंचे थे इस बैठक में किसानों ने हां या ना के रूप में जवाब मांगा था। इस बैठक में भी गतिरोध नहीं टूटा।

    30 दिसंबर 2020:-

    किसान संगठनों ने बैठक में 4 प्वाइंड का एजेंडा रखा जिसमें से केन्द्र ने दो बिंदुओं का मान लिया। हालांकि कृषि कानून पर नहीं बनी बात।

    7 जनवरी 2021:-

    बैठक में किसान नेताओं ने सरकार से कहा कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं। दोनों के बीच गतिरोध कायम रहा।

    8 जनवरी 2021:-

    सरकार ने किसानों को स्पष्टÑ किया कि कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा, संसोधन के लिए सरकार तैयार है। इस बैठक में भी नहीं निकला कोई हल।

    9 जनवरी 2021:-

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा कानून रोकने के बाद किसान-सरकार के बीच वार्ता हुई। लेकिन नहीं निकला कोई हल।

    10 जनवरी 2021 :-

    किसान और सरकार के बीच फिर से बैठक हुई लेकिन यह बैठक भी रही बेनतीजा।

    15 जनवरी 2021:-

    किसान नेताओं ने बैठक में दो टूक शब्दों में सरकार से तीनों कृषि बिलों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की बात कही। बैठक नहीं निकला कोई हल।

    20 जनवरी 2021:-

    सरकार ने डेढ़ साल तक कानूनों को रोकने के लिए किसानों को प्रस्ताव दिया। लेकिन बाद में किसानों ने इस प्रस्ताव को रोक दिया।

     

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