हमसे जुड़े

Follow us

11.3 C
Chandigarh
Wednesday, February 4, 2026
More
    Home देश क्या नए वेरिए...

    क्या नए वेरिएंट ओमिक्रॉन पर कोविड टीका का नहीं होगा असर? जानें, डॉ. वीके पाल की जुबानी

    variant Omicron sachkahoon

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। देश में नए वेरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। सरकार इसको लेकर सतर्क हो गई है। इस बीच नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि नए वेरिएंट पर काविड टीका बेअसर हो सकता है। इसलिए एकजुट होकर कोरोना के नए वैरिएंट का सामना करने के लिए टीका बनाने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि दवाओं के विकास के लिए पहले से ठोस दृष्टिकोण की जरूरत है। पॉल ने कहा कि अभी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि दुनियाभर में वैक्सीन पहुंचे और कोई भा पीछे न रहे। उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने के लिए विज्ञान में निवेश पर जोर दिए जाने की भी जरूरत है। पॉल सीआईआई पार्टनरशिप समिट में बोल रहे थे। गौरतलब हैं कि भारत में ओमिक्रॉन के केस अब बढ़कर 61 पर पहुंच गए हैं। वहीं, ब्रिटेन में भी यह तेजी से पैर पसार रहा है। ब्रिटेन में इस साल जनवरी के बाद से अब तक के सबसे ज्यादा नए कोविड केस दर्ज किए गए हैं। अकेले ब्रिटेन में ही ओमिक्रॉन वैरिएंट के 5 हजार मामले आ चुके हैं।

    जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों को प्रीबुक आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य

    सरकार ने विश्व में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए पूर्व में आरटीपीसीआर टेस्ट की बुकिंग किये जाने को अनिवार्य कर दिया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने आज यहां कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिदेर्शों के अनुसार जोखिम वाले देशों-ब्रिटेन सहित यूरोप के देश, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बंगलादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिÞम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजरायल से आने वाले से सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अनिवार्य रूप से पहले से आरटीपीसीआर टेस्ट की बुकिंग करानी होगी। यह व्यवस्था 20 दिसंबर से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित देश के छह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर लागू होगी। प्राधिकरण ने कहा कि एयरलाइनों को यात्रियों के विमान में सवार होने से पहले यह जांच करने के लिए कहा गया है कि यात्री ने पहले से आरटीपीसीआर टेस्ट की बुकिंग करा ली है या नहीं। इसी के साथ एयरलाइनों को इस बात की भी जिम्मेदारी दी गयी है कि वे जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों की पहचान करें और उन्हें हवाईअड्डे पर टेस्टिंग के लिए निर्धारित स्थान तक ले जाएं।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here