Trump Tariff On India: भारत समेत इन देशों से हटेगा ट्रम्प टैरिफ? अमेरिकी अदालत का बड़ा फैसला

Trump Tariff On India
Trump Tariff On India: भारत समेत इन देशों से हटेगा ट्रम्प टैरिफ? अमेरिकी अदालत का बड़ा फैसला

Trump Tariff On India: नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बड़े कानूनी झटके के बाद भी अपने रुख पर अड़े रहे। एक संघीय अपील अदालत ने फैसला सुनाया कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) उन्हें मुक्ति दिवस टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता। अदालत ने टैरिफ को “कानून के विपरीत होने के कारण अमान्य” घोषित किया और जोर देकर कहा कि उनके प्रशासन के तहत लगाए गए सभी टैरिफ लागू रहेंगे। यह फैसला ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर बड़ा झटका माना जा रहा है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने टैरिफ को 14 अक्टूबर तक यथावत रखने की अनुमति भी दे दी, जिससे ट्रंप प्रशासन को मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाने का अवसर मिल गया है।

हालाँकि अदालत ने टैरिफ को अस्थायी रूप से लागू रहने दिया, जिससे प्रशासन को इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का समय मिल गया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में चेतावनी देते हुए लिखा, “सभी टैरिफ अभी भी लागू हैं! आज एक अत्यधिक पक्षपातपूर्ण अपील अदालत ने गलत तरीके से कहा कि हमारे टैरिफ हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन वे जानते हैं कि अंत में अमेरिका की ही जीत होगी। अगर ये टैरिफ कभी हटा दिए गए, तो यह देश के लिए पूरी तरह से विनाशकारी होगा। यह हमें आर्थिक रूप से कमजोर बना देगा और हमें मजबूत होना होगा। इन्हें हटाना “देश के लिए विनाशकारी” होगा।

उन्होंने आगे कहा, “अमेरिका अब भारी व्यापार घाटे और दूसरे देशों, चाहे वे मित्र हों या शत्रु, द्वारा लगाए गए अनुचित टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा, जो हमारे निमार्ताओं, किसानों और अन्य सभी को कमजोर करते हैं। अगर इसे ऐसे ही रहने दिया गया, तो यह निर्णय सचमुच संयुक्त राज्य अमेरिका को नष्ट कर देगा।” उन्होंने कहा, “इस मजदूर दिवस सप्ताहांत की शुरूआत में, हम सभी को याद रखना चाहिए कि टैरिफ हमारे श्रमिकों की मदद करने और उन कंपनियों का समर्थन करने का सबसे अच्छा साधन हैं जो बेहतरीन ‘मेड इन अमेरिका’ उत्पाद बनाती हैं।”

उन्होंने कहा, “कई वर्षों तक, हमारे बेपरवाह और नासमझ राजनेताओं ने टैरिफ को हमारे खिलाफ इस्तेमाल करने दिया। अब, अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय की मदद से, हम उनका उपयोग अपने राष्ट्र के लाभ के लिए करेंगे और अमेरिका को फिर से समृद्ध, मजबूत और शक्तिशाली बनाएंगे!” रूस के साथ भारत के निरंतर तेल व्यापार के जवाब में, अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जो पिछली दर से दोगुना है। इससे भारतीय उत्पाद एशिया में सबसे ज्यादा कर लगाए जाने वाले उत्पादों में शामिल हो गए हैं और इससे कपड़ा, जूते-चप्पल और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर भारी असर पड़ने की आशंका है, जिससे रोजगार छिनने और प्रतिस्पर्धात्मकता को लेकर चिंताएँ बढ़ सकती हैं। भारत अब ब्राजील के साथ-साथ सबसे ज्यादा अमेरिकी टैरिफ दरों का सामना कर रहा है। यह कदम अमेरिका के व्यापक व्यापार बदलाव को दशार्ता है, क्योंकि वियतनाम, कंबोडिया और लाओस जैसे अन्य देशों पर भी भारी टैरिफ लग रहे हैं।