जयपुर। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों नामांकन के अनुसार पूरे सत्र में होने वाले कार्यों के लिए बजट दिया जाता है। लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्त होने के समय बजट जारी हुआ है जिसको हर हालत में 31 मार्च तक खर्च करना होगा नहीं तो लेप्स हो जाएगा। परिषद की ओर से सत्र 2025-26 के लिए जारी इस कम्पोजिट स्कूल ग्रांट में राज्य भर के प्रारंभिक शिक्षा के 50 हजार 318 एवं माध्यमिक शिक्षा के 18 हजार 799 स्कूलों के लिए नामांकन अनुसार कुल 118.43 करोड़ रुपए एवं 11302.300 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। Rajasthan News
इन कार्यों पर खर्च करनी होगी स्कूलों को ये राशि
ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्कूल भवन की मामूली मरम्मत और अग्निशमन यंत्रों में गैस भरवाने जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि उपयोगी होगी। साथ ही, बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने का किराया भी इसी मद से दिया जा सकेगा।
शिक्षा परिषद ने साफ किया है कि राज्य के सभी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल,टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिस्पेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है। इस राशि से स्टाफ या ऑफिस के लिए फर्नीचर, जलपान, उत्सव आयोजन या फोटोग्राफी पर खर्च नहीं कर सकेंगे। यदि बजट का दुरुपयोग पाया गया, तो संस्था प्रधान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर राशि की वसूली की जाएगी। Rajasthan News
राज्य के सभी प्रारम्भिक एवं माध्यमिक स्कूलों को नामांकन के अनुसार बजट आवंटन की संख्या
- 1 से 30 नामांकन वाले स्कूलों को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए।
- 31 से 100 नामांकन वाले स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।
- 101 से 250 नामांकन वाले स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।
- 250 से 1000 नामांकन वाले स्कूलों को 75 हजार रुपए।
- 1000 से अधिक नामांकन वालों स्कूलों के लिए एक लाख रुपए मिलेंगे।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा राज्य के सरकारी स्कूलों को पूरे वित्तीय वर्ष में नामांकन के अनुसार मिलने वाली ग्रांट की राशि शिक्षा सत्र की शुरुआत यानी जुलाई माह में ही जारी करनी चाहिए जिससे स्कूलों में आवश्यकतानुसार सामग्री खरीदी जा सके और राशि के अभाव में स्कूल संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान।















