महिला पर पति और पुत्री को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप, सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

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श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। राजियासर थाना पुलिस ने लगभग 11 महीने पहले गांव हिंदौर में टेलरिंग का काम करने वाले मुंशी खां और उसकी पुत्री अजमत (20) द्वारा घर में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर लेने के मामले में पिता-पुत्री को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक मुंशी खां के भाई द्वारा अदालत में दायर किए गए इस्तगासा के आधार पर सुब्बा (Woman Accused) के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाया है।

सुब्बा मृतक मुंशी खां की पत्नी और अजमत की मां है। हिंदौर गांव में पिछले वर्ष 26 जून की सुबह मुंशी खां और उसकी पुत्री अजमत के शव फंदे पर लटकते हुए मिले थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर आकर कार्यवाही की शवों को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवारजनों के सुपुर्द कर दिया गया। उस समय मर्ग रिपोर्ट दर्ज की गई और पुलिस ने आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी।मुंशी खान के भाई दूल्ले खां ने इस्तगासा के जरिए दर्ज करवाए मुकदमे में बताया है कि 5 जुलाई को उसने भाई के घर जाकर उसका सामान चेक किया तो एक कागज पर कुछ लिखा हुआ मिला।

वह अनपढ़ है।किसी और से कागज पढ़वाया तो पता चला कि मुंशी खां ने पुत्री के साथ खुदकुशी करने से पहले यह सुसाइड नोट लिखा था। इसमें पत्नी सुब्बा से तंग आकर बेटी सहित खुदकुशी करना लिखा। दूल्ले खां के मुताबिक यह सुसाइड नोट उसने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को सौंपा और सुब्बा के विरुद्ध आत्महत्या दुष्प्रेरण का मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा।

इस पर 13 अगस्त को राजियासर थाना की ओर से उसे नोटिस दिया गया कि वह मुंशी खान की लिखावट के नमूने पेश करें। दूल्ले खां के अनुसार उसने मुंशी खान ने कुछ दिन पहले अपने मकान का मलबा बेचा था। इस संबंध में स्टांप पेपर पर लिखा पढ़ी की गई थी। स्टांप पेपर पर उसने हस्ताक्षर किए थे। इस स्टांप पेपर के अलावा उसकी बैंक पासबुक तथा टेलरिंग की दुकान पर कस्टमर के माप लिखने के लिए लगाई कॉपी पुलिस को उपलब्ध करवा दी, लेकिन आत्महत्या के लिए उसके भाई और भतीजी को मजबूर करने की आरोपी सुब्बा के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया।

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