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    बहु-आयामी प्रतिभा से अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने में सफल रही महिलाएं

    Hanumangarh News
    बहु-आयामी प्रतिभा से अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने में सफल रही महिलाएं

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

    हनुमानगढ़। टाउन स्थित नेहरू मैमोरियल विधि महाविद्यालय में शनिवार को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हनुमानगढ़ के निर्देशों की पालना में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शिवचरण मीना थे। अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीताराम ने की। Hanumangarh News

    कार्यक्रम की शुरुआत हर वर्ष की भांति एक अनूठी पहल के साथ हुई। प्राचार्य डॉ. सीताराम ने विधि द्वितीय वर्ष की छात्रा निशा को एक दिन के लिए महाविद्यालय का प्राचार्य बनाकर महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित किया। निशा ने इस अवसर का सदुपयोग करते हुए महाविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और छात्र-छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया। इसके पश्चात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वाद विवाद प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया गया। इसमें रमन, दया, मीनू स्वामी, मनीषा, मनप्रीत कौर, मोहन लाल, निशा, पुष्पा, राजीव एवं प्रियंका ने हिस्सा लिया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर विधि प्रथम वर्ष के छात्र रमन, द्वितीय स्थान पर विधि प्रथम वर्ष की छात्रा दया एवं तृतीय स्थान पर विधि प्रथम वर्ष की छात्रा मीनू स्वामी रहे।

    विजेता प्रतिभागियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शिवचरण मीना व प्राचार्य डॉ. सीताराम की ओर से राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयुपर की ओर से प्रेषित किए गए प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिवचरण मीना ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर जल, थल, नभ में अपना परचम लहरा रही हैं। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं हैं जिसमें महिलाओं ने अपनी क्षमता को सिद्ध न किया हो। महिलाएं प्रशासनिक, न्यायिक व राजनैतिक क्षेत्र में अपनी बहु-आयामी प्रतिभा से पुरुषों के समकक्ष अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध करने में सफल रही हैं।

    प्राचार्य डॉ. सीताराम ने कहा कि कॉलेज का लक्ष्य छात्र-छात्राओं को कानूनी ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से भी जोडऩा है ताकि उनमें नेतृत्व की भावना विकसित हो व समस्त वर्गों का विकास करने में वे अग्रसर हो सकें। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका सहायक आचार्य क्रांति गिला, पुस्तकालयाध्यक्ष नीरज शर्मा की ओर से निभाई गई। महाविद्यालय विधिक सेवा क्लीनिक के प्रभारी डॉ. बृजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया गया। इस मौके पर सहायक आचार्य डॉ. मोहम्मद इमरान, विकास चौधरी, अशोक कुमार, दिनेश खोथ, हरीश यादव सहित नरेश कुमार, मीनाक्षी धूडिय़ा और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। Hanumangarh News

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