India AI Summit 2026: नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एआई‑इम्पैक्ट समिट 2026 के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व नेताओं के साथ एक सामूहिक चित्र साझा किया। यह “फैमिली फोटो” मात्र औपचारिक समूह-चित्र नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक तकनीकी कूटनीति का प्रतीक बनकर उभरी है। India AI News
मंच के केंद्र में भारत के प्रधानमंत्री और उनके साथ विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ तथा उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित दिखाई दिए। यह दृश्य संकेत देता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल वैज्ञानिक अनुसंधान का विषय नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी और बहुपक्षीय विमर्श का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

प्रतिस्पर्धा के बीच सहयोग की आवश्यकता को स्वीकार किया जा रहा
समिट में एशिया, यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने स्पष्ट किया कि एआई शासन, डेटा संरक्षण, नैतिक मानदंड और नवाचार जैसे मुद्दे वैश्विक एजेंडा का हिस्सा बन चुके हैं। “फैमिली फोटो” को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सामूहिक प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है—यह दर्शाती है कि प्रतिस्पर्धा के बीच सहयोग की आवश्यकता को स्वीकार किया जा रहा है। भारत ने हाल के वर्षों में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, आधार और यूपीआई जैसी पहलों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने उत्तरदायी, समावेशी और मानव-केंद्रित एआई की आवश्यकता पर बल दिया। India AI News

विश्लेषकों के अनुसार, ऐसी तस्वीरें “विजुअल डिप्लोमेसी” का प्रभावी माध्यम होती हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विद्वान जोसेफ एस. नाए ने अपनी पुस्तक Soft Power: The Means to Success in World Politics में बताया है कि किसी राष्ट्र की सार्वजनिक छवि और सांस्कृतिक प्रभाव उसकी वैश्विक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करते हैं। इस दृष्टि से यह समूह-चित्र भारत की बढ़ती तकनीकी और कूटनीतिक भूमिका का संकेत माना जा रहा है।

हालाँकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि किसी सम्मेलन का वास्तविक महत्व उसके बाद होने वाले ठोस समझौतों और साझेदारियों से निर्धारित होता है—जैसे डेटा साझा करने के नियम, साइबर सुरक्षा सहयोग, अनुसंधान निवेश और नैतिक ढांचे पर सहमति। एआई के क्षेत्र में महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत का मेजबान के रूप में उभरना उसकी बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति को रेखांकित करता है। “फैमिली फोटो” इसी व्यापक परिवर्तन का दृश्य प्रमाण बनकर सामने आई है। India AI News















