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    ‘याद-ए-मुर्शिद’ 31वें कैंप में हुआ चमत्कार | Yaad-E-Murshid Free Eye Camp

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    • ‘याद-ए-मुर्शिद’ परमपिता शाह सतनाम जी महाराज 31वें फ्री नेत्र जांच शिविर में हुआ चमत्कार
    • तीन साल बाद अपनों को देख पाई बिमल
    •  दोनों आँखों की रोशनी जाने से परिवार पर बन गई थी बोझ
    •  शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में नि:शुल्क हुआ आॅपरेशन
    •  बोली-पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां मेरे लिए भगवान

    रविन्द्र रियाज/सुशील कुमार
    सरसा। कुछ साल पहले मुझे आँखों से दिखना बिल्कुल बंद हो गया। घर वालों को सहारा देना तो दूर मैं खुद उनके ऊपर बोझ बन गई। बेरंग और बेनूर ज़िंदगी के चलते दिल में एक सोच ने घर कर लिया कि अब शायद दोबारा अपनों को ना देख पाऊं। लेकिन आज डेरा सच्चा सौदा के कैंप में मेरी आँखों की रोशनी लौट आई है। आज मैं तीन साल बाद अपने बच्चों का चेहरा देख पाई हूँ। ये कहना है कि ‘याद-ए-मुर्शिद’ परम पिता शाह सतनाम जी महाराज 31वें फ्री नेत्र जांच शिविर में आँखों का आॅपरेशन करवाने वाली बिमल का।

    आज उनके चेहरे के भाव देख उनकी खुशी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से लगाए गए ‘याद-ए-मुर्शिद’ फ्री आई कैंप न सिर्फ बिमल बल्कि ऐसे ही सैकड़ों लोगों के जीवन में खुशियों की नई सुबह लेकर आया है। जो पूज्य गुरु जी का बारम्बार शुक्रिया करते हुए अपने घरों को लौटे हैं।

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    भिवानी शहर के हनुमान गेट के पास पिपली वाली जोहड़ी क्षेत्र में रहने वाली बिमल देवी ने बताया कि उसके पति की शराब पीने की आदत से वो बुरी तरह परेशान थी। आए दिन झगड़ा आम बात थी। रो-रो कर दिन कटते थे। हर वक्त दिमाग में टैंशन बनी रहती थी। एक दिन अचानक उसकी आँखों की रोशनी जाती रही। एक तो परिवार की आर्थिक हालत कमजोर दूसरा उसकी बीमारी जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।

    बिमल ने बताया कि कहां तो वो अपने बच्चों की संभाल करती थी। अब वो खुद ही उनके ऊपर निर्भर हो गई थी। जब भी उसे बाथरूम आदि के लिए जाना पड़ता तो दिखाई न देने के चलते उसे उन्हें आवाज देनी पड़ती थी। परिवार वालों ने उसे भिवानी जिला अस्पताल से लेकर रोहतक पीजीआई तक में दिखाया, लेकिन उसकी आँखों की रोशनी न लौटी। गत दिनों उसकी भाभी ने उसे डेरा सच्चा सौदा में लगने वाले ‘याद-ए-मुर्शिद’ परम पिता शाह सतनाम जी महाराज फ्री नेत्र जांच शिविर के बारे में बताया।

    इस पर वह यहां आने के लिए तैयार हो गई, लेकिन परिवार के सदस्य कहने लगे कि हमने सभी जगह तो दिखा लिया, अब वहां जाने से भी कुछ होने वाला नहीं है, क्योंकि डॉक्टरों ने जवाब दे रखा है। इसके पश्चात वह अपनी भाभी के साथ डेरा सच्चा सौदा में लगे कैंप में आ गई। कैंप में आने के बाद जब आँखों का चैकअप करवाया तो डॉक्टरों ने आॅपरेशन के लिए चुन लिया।

    एक दिन पहले ही शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर ने मेरा आॅपरेशन किया और आज मैं अपनी आँखों से सब कुछ साफ-साफ देख पा रही हूँ। आज मुझे जो खुशी हो रही है, उसको बोलकर नहीं बता पा रही हूँ। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां मेरे लिए भगवान हैं, उनके चरणों में बारम्बार नमन, वंदन। आज मैंने तीन साल के बाद अपनी बेटी का चेहरा अपनी आँखों से देखा है। पूज्य गुरु जी हर किसी पर अपनी ऐसी कृपा दृष्टि बनाए रखें।

    बिमल का आॅप्रेशन चुनौती से कम नहीं था : डॉ. मोनिका | Yaad-E-Murshid Free Eye Camp

    बिमल का आॅपरेशन करने वाली शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओप्थोमोलॉजिस्ट (नेत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ. मोनिका गर्ग इन्सां ने सच कहूँ से बातचीत करते हुए बताया कि बिमल की दोनों आँखों में सफेद मोतिया था, जिसको डॉक्टरी भाषा में हाइपर मैचुअर कैटरैक्ट कहा जाता है, जो हाई रिस्क स्टेज पर था। इसके चलते मरीज को 3 साल से बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा था। मरीज का सफल इलाज हमारे लिए चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि उसका हाई ब्लड प्रेशर भी अंडर कंट्रोल नहीं था। मरीज के परिजनों ने बताया कि उन्होंने हरियाणा के बड़े शहरों में बिमल को दिखाया था, लेकिन हर तरफ डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था।

     पूज्य गुरु जी की रहमत से सफल हुआ आॅपरेशन | Yaad-E-Murshid Free Eye Camp

    मरीज हमारे पास आई तो हमने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के चरणों में अरदास करके उसका आॅपरेशन किया। पूज्य गुरु जी की रहमत से आॅपरेशन 100 फीसदी सफल हुआ। आॅपरेशन के अगले दिन जब मरीज की ड्रेसिंग खोली गई तो मरीज की आँखों की रोशनी लौट आई।

    यह सब कमाल पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की रहमत से हो पाया है और ऐसे मरीजों के लिए ‘‘याद-ए-मुर्शिद’’ परम पिता शाह सतनाम जी महाराज फ्री नेत्र जांच शिविर इस बार भी वरदान साबित हुआ। वहीं डॉ. मोनिका ने आगे बताया कि 15 दिनों बाद बिमल को दोबारा दूसरी आँख के आॅपरेशन के लिए बुलाया गया है, उसका भी नि:शुल्क इलाज किया जाएगा।

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