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Wednesday, February 11, 2026
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    आप भी हो सकते हैं साईबर क्राईम के अगले शिकार

    तुलसी (एक काल्पनिक नाम) ने एक दिन दोपहर को अपना व्हाट्सएप मैसेज चैक किया जो कि फ्लिपी*** नाम की एक वैबसाईट से आया था, जिस पर मोबाईल, टीवी, कपड़े, जूतों व अन्य ढेरों सामान बहुत ही भारी छूट के साथ बिक रहा था। तुलसी ने तत्काल अपने लिए एक मोबाईल ऑर्डर किया और ऑनलाईन12 हजार रूपये मोबाईल कंपनी को डाल दिए। तुलसी को आज तक उसका मोबाईल नहीं मिला। ठीक ऐसे ही बहुत बार आपके या आपके किसी दोस्त, रिश्तदार के मोबाईल पर बैंक के नाम से लिंक भेजे जाते हैं कि आप अपनी केवाईसी अपडेट कर लें या कभी लिंक भेजा जाता है कि आपको एयरटेल या बजाज, गूगल आदि नामी कंपनियोें ने विजेता चुना है, अपना ईनाम पाने के लिए आप दिए गए लिंक पर अपना नाम, पता, बैंक खाता आदि जानकारी भरकर भेजें एवं आपको दोबारा से लिंक भेजा जाएगा, जिसे क्लिक कर आप ईनाम की राशि अपने खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। उपरोक्त सब साईबर क्राईम करने वालों के हत्थकंडे हैं, जिससे साईबर क्रिमिनल पढ़े-लिखे, अनपढ़, ग्रामीण-शहरी हर वर्ग को किसी न किसी तरह उकसाकर उनके बैंक अकाउंट से राशि उड़ा लेते हैं। बैंक व पुलिस दोनों ही आमजन की ऐसी ढेरों शिकायतें आए दिन दर्ज कर रहे हैं, जिनमें किसी ने अपने फोन पर आए कॉल या लिंक को खोलकर अपने रूपये खो दिये, किसी ने छूट का लाभ पाने के लिए पैसे गंवा दिये। आमजन को चाहिए कि बढ़ रहे तकनीकी लेन-देन में एवं स्मार्ट फोन के फायदों के साथ खतरों को भी अच्छी तरह से समझ लें, ताकि आपको कोई ठग न सके। अक्सर ही बैंक एवं पुलिस भी लोगों के मोबाईल फोन पर आने वाले आकर्षक पुरस्कारों, फर्जी कॉलस के बारे में जागरूक करती रहती है। इतना ही नहीं लोगों से उम्मीद की जाती है कि वह अपनी बैंक डिटेल्स जैसे नेटवर्किंग के लॉगिन पॉसवर्ड, ओटीपी पिन आदि गुप्त रखें, फिर भी यदि आमजन खासकर महिलाएं एवं ग्रामीण लोग जरा सा सावधान रहें तो वह साईबर अपराधियों से बच सकते हैं। आॅनलाईन खरीददारी करते समय एमाजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नेपडील, मिंत्रा आदि नामी कंपनियों के वेबपेज को स्वयं उनके डोमेन नाम से ही खोलें। मोबाइल पर आए किसी भी लिंक को खोलने से बचें या अच्छी तरह जांच लें कि कहीं वह कोई मिलता-जुलता नाम तो नहीं है। भारी छूट व अनजान पुरस्कार संदेशों का लालच न करें। किसी भी अनजान लिंक या फोन कॉल या व्यक्ति को अपने बैंक पासवर्ड, पिन न बताएं। बेहतर होगा कि बढ़Þते सूचना तकनीकी के इस दौर में अपने आपको सूचना तकनीक से शिक्षित करें।

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