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Saturday, February 28, 2026
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    आॅपरेशन नदीम सफल, 48 घंटे बाद मासूम को बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाला

    48 hours later the innocent got out safely from the borewell

    -सेना व एनडीआरएफ की टीम ने चलाया था संयुक्त अभियान

    हिसार सच कहूँ/संदीप सिंहमार । हिसार-भादरा मार्ग पर स्थित राजस्थान सीमा से सटे बालसमंद गांव में बुधवार देर सांय साठ फिट गहरे बोरवेल में गिरे डेढ़ साल के मासूम नदीम को 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आॅपरेशन नदीम को सफल बनाने में भारतीय सेना व एनडीआरएफ जवानों ने संयुक्त रूप से भागीदारी निभाई। घटनास्थल पर हर संभव सुविधा मुहैया करवाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से अग्निशमन की गाडÞियां, पुलिस, नर्सिंग स्टाफ सहित चिकित्सक टीम को एंबुलेंस के साथ मुस्तैद रखा गया।

    बच्चे के स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखने के लिए बोरवेल में हाई क््वालिटी नाईट विजन कैमरा लगाया गया था। इससे पहले 10 इंच चौड़े व करीब 60 फिट गहरे बोरवेल में बच्चे के सांस लेने के लिए पाइप के माध्यम से आॅक्सीजन दी गई थी। वैसे तो नदीम को बचाने के लिए आॅपरेशन होली की देर सांय करीब 7 बजे शुरू कर दिया गया था, लेकिन देर रात करीब 12 बजे गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम पहुंचने के बाद इस कार्य में और तेजी लाई गई। पूरी रात बोरवेल के पैरलल 12 फिट की दूरी पर रेस्क्यू अभियान के तहत जेसीबी के माध्यम खुदाई का कार्य चलता रहा।

    पेंडेंट झूले से भी बोरवेल से बाहर निकालने का किया था प्रयास

    वहीं दूसरी तरफ एनडीआरएफ की टीम ने पेंडेंट झूला यानी पैराशूट नुमा कैचर से भी नदीम को सीधे बोरवेल से बाहर निकलने का प्रयास किया। लेकिन कड़े प्रयास के बावजूद भी सीधा निकालने में सफलता नहीं मिली। आखिर वीरवार सांय बोरवेल के पैरलल खुदाई का कार्य पूरा कर जेसीबी मशीनों को मौके हटाकर करीब 15 फुट लंबी मैनुअल सुरंग बनाकर बच्चे को बचा लिया गया। फिलहाल बच्चे नदीम को चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा ताकि बच्चे के स्वास्थ्य की सम्पूर्ण जाँच की जा सके। इस मौके पर हिसार के उपमंडल अधिकारी नागरिक उपायुक्त अशोक कुमार मीणा पुलिस अधीक्षक शिव चरण सहित जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।

    डिजिट्रेकर के माध्यम से सही लोकेशन का पता चला

    बालसमंद में लगभग 60 फुट गहरे बोरवेल में फंसे बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया। होरिजेंटल डायरेक्शन ड्रिलिंग ट्रेकिंग सिस्टम यानी डिजिट्रेकर के माध्यम से बच्चे की सही लोकेशन का पता चला। सुरंग खुदाई टीम को बच्चे की वास्तविक लोकेशन के समीप पहुंचने में इस तकनीक की पूरी मदद मिली। बच्चे के साथ वाली जमीन न खिसके, इसके लिए सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखा गया।

    हरसैक, जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी समिति तथा मृदा विशेषज्ञों की भी सहायता ली गई। बोरवेल में बच्चा स्वस्थ रहा। उसकी स्थिति सामान्य है। बोरवेल से निकालने के बाद बच्चे को सघन मेडिकल जांच के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। इस दौरान रास्ते में ट्रेफिक व्यवस्था व रूट प्लान को पुलिस की मदद से फुल-प्रूफ किया गया। उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने कहा कि अनाधिकृत रूप से बोरवेल करके उसे खुला छोड़ने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस द्वारा डीडीआर एंट्री की गई है। दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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