हमसे जुड़े

Follow us

22.1 C
Chandigarh
Sunday, April 5, 2026
More
    Home देश अंधेरी जिदंगि...

    अंधेरी जिदंगियों को मिलेगा उजियारा

    Yaad E Murshid 29th Camp

    परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ‘याद-ए-मुर्शिद’ 29वां फ्री नेत्र जांच शिविर शुरू

    सरसा ( सुनील वर्मा )। सर्व धर्म संगम डेरा सच्चा सौदा में शनिवार को पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से अंधेरी जिंदगियों में उजाला लाने के लिए डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गद्दीनशीन परम पिता शाह सतनाम जी महाराज की पवित्र याद में ‘याद ए मुर्शिद’ (Yaad E Murshid 29th Camp) परम पिता शाह सतनाम जी महाराज 29 वां फ्री आई कैम्प (विशाल नेत्र जांच शिविर) शुरू हो गया। शाह सतनाम जी धाम में शुरू हुए इस कैंप का शुभारंभ शाही परिवार, डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन कमेटी व कैंप में सेवाएं देने आए चिकित्सकों व उपस्थित साध-संगत ने धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा व अरदास बोल कर किया।

    Yaad E Murshid 29th Camp

    कैंप के दौरान कोविड-19 के नियमों की अनुपालना की गई। कैंप में सेवाएं दे रहे व कैंप का लाभ उठाने पहुंचे मरीज सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मुंह पर मास्क लगाकर, हाथों को सैनिटाइज कर और प्रत्येक का तापमान जांचने के पश्चात ही कैंप में एंट्री दी गई। इसके अलावा कैंप के दौरान रजिस्ट्रेशन से पूर्व आने वाले मरीजों की कोरोना संबंधी प्री स्क्रीनिंग भी की गई। कैंप में पहले दिन समाचार लिखे जाने तक 303 मरीजों के आँखों की जाँच हो चुकी थी तथा अब तक कैंप के लिए 1123 नेत्र रोगी अपना पंजीकरण करवा चुके थे, जिनमें 531 पुरुष और 592 महिलाएं शामिल हैं।

    राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के तत्वाधान में शुरू हुए इस कैंप में 12 से 15 दिसंबर तक नेत्र रोगियों की फ्री जांच की जाएगी तथा जिन मरीजों को ऑपरेशन के लिए चयनित किया जाएगा। उनके ऑपरेशन शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में स्थित अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ऑपरेशन थियेटरों में किए जाएंगे। कैंप में मरीजों की जांच के लिए बहनों और भाइयों के लिए अलग-अलग कैबिन बनाये गए। सभी की अलग-अलग ही जांच की गई। बता दें कि कैंप के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 10 दिसंबर से शुरू हो चुकी थी।

    1992 से हर साल लग रहा है कैंप

    शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पुनीत इन्सां ने कैंप संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि यह कैंप परमपिता शाह सतनाम जी महाराज की याद में 1992 से हर साल 12 से 15 दिसंबर तक लगाया जा रहा है। जिनमें अब तक 27,255 मरीज अपनी आँखों का सफल इलाज करवाकर रोशनी प्राप्त कर चुके हैं तथा लाखों लोग इस कैंप में अपनी जाँच करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कैंप में अधिकतर सफेद मोतिया व काला मोतिया के ऑपरेशन किए जाते हैं।

    इसके अलावा आवश्यक दवाइयां, लैबोरेट्री जांच भी फ्री में की जाती है तथा मरीजों को नजदीक के चश्में भी फ्री में दिए जाते है। कैंप का लाभ उठाने के लिए हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न दूर-दराज के राज्यों से भी मरीज आते हैं। मरीजों के ऑप्रेशन भी हाइटेक लेवल के ऑपरेशन थियेटर में किए जाएंगे तथा सभी ऑपरेशन बिना टांके के किए जाएंगे। डॉ. पुनीत इन्सां ने बताया कि ऑपरेशन के लिए चयनित मरीजों का ऑपरेशन से पूर्व सम्पूर्ण जाँच प्रक्रिया के बाद कोविड-19 का टेस्ट किया जाएगा तथा कोविड की रिपोर्ट नेगेटिव आने के पश्चात ही मरीज का ऑपरेशन होगा।

    कैंप में यह चिकित्सक दे रहे हैं सेवाएं

    12 से 15 दिसंबर तक चलने वाले ‘याद-ए-मुर्शिद’ परम पिता शाह सतनाम जी महाराज 29वें फ्री आई कैम्प (विशाल नेत्र जांच शिविर) में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गर्ग, डॉ. दीपिका, डॉ. कोनिका के अलावा डॉ. गौरव अग्रवाल, डॉ. पुनित, डॉ. वेदिका, डॉ. इकबाल, डॉ. नरेन्द्र कांसल व डॉ. नेहा अपनी सेवाएं दे रही है।

    रजिस्ट्रेशन से ऑपरेशन तक की प्रक्रिया

    परम पिता शाह सतनाम जी महाराज की याद में लग रहे इस कैंप का अब तक हजारों लोग लाभ उठा चुके है। कैंप का लाभ उठाने के लिए आने वाले मरीजों को कैंप की रजिस्ट्रेशन से लेकर चिकित्सक जांच व ऑपरेशन तक चार अलग-अलग प्रकार की लेयर से गुजरना पड़ता है।

    ये है कैंप की प्रक्रिया

    • सर्वप्रथम मरीज शाह सतनाम जी धाम के मुख्य द्वार से कैंप पंडाल में प्रवेश करता है। जहां कोविड-19 के चलते शारीरिक दूरी बनाकर लाइनों में लगता है।

    Yaad E Murshid 29th Camp

    • इसके पश्चात लाइनों में लगे मरीज एक-एक तापमान जाँच के लिए वेटिंग कक्ष में प्रवेश करते हैं। यहां सेवादार उनका तापमान जाँच कर उन्हें प्री स्क्रीनिंग रजिस्ट्रेशन काउंसलिंग के लिए भेजते हैं।

    • प्री स्क्रीनिंग रजिस्ट्रेशन काउंसलिंग में सेवाएं दे रहे सेवादार मरीज के कोविड-19 के लक्षणों यानि 15 दिन से खांसी-जुकाम तो नहीं है, मुंह का स्वाद बिगड़ा हुआ तो नहीं या 15 दिन से नेत्र रोगी किसी कोविड मरीज के संपर्क में तो नहीं आया है, के बारे में पूछताछ की जाती है। इसके पश्चात शूगर, बीपी या हार्ट की कोई बीमारी तो नहीं है, के बारे में जानकारी लेकर उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए भेजा जाता है।
    • कोरोना महामारी के कारण मरीजों का रजिस्टे्रशन भी ‘ए’ व ‘बी’ वर्ग में किया गया है। ‘ए’ वर्ग में उन मरीजों की पर्चियां बनती है, जो बिल्कुल स्वस्थ है तथा ‘बी’ में उनकी पर्चियां बनाई जा रही हैं, जिनमें थोड़ा बहुत खांसी-जुकाम है।
    • रजिस्ट्रेशन के पश्चात (पर्ची बनने के बाद) मरीजों को उनकी नजर की जाँच के लिए लेकर जाया जाता है। जहां अलग-अलग मरीजों को कुछ दूरी पर बैठाकर उनकी नजर की जाँच की जाती है कि मरीज कहां तक सही देख पाता है।

    Yaad E Murshid 29th Camp

    • इन प्रक्रियाओं के पश्चात मरीज को नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास लेकर जाया जाता है। जहां चिकित्सक द्वारा मरीजों के आँखों की जाँच करता है तथा जिन मरीजों के ऑपरेशन होने होते या जिन्हें दवाईयां दी जानी होती है, उनका चयन किया जाता है। ऑपरेशन के लिए चयनित मरीजों की ईसीजी सहित अन्य जाँच के पश्चात कोविड-19 टेस्ट किया जाता है।
    • कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आने के पश्चात मरीज का शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में ऑपरेशन किया जाता है। ऑपरेशन होने के पश्चात मरीजों को अस्पताल के आधुनिक वार्ड में रखा जाता है और अगले दिन मरीज को छुट्टी दी जाती है।

     

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।