हमसे जुड़े

Follow us

19.7 C
Chandigarh
Saturday, February 28, 2026
More
    Home देश भारतीय सेना म...

    भारतीय सेना में घटेंगे 1 लाख जवान, तकनीक पर खर्च होगा बचत का पैसा

    Indian-Chinese Army
    Indian-Chinese Army: भारत-चीन की सेनाएं पीछे हटना शुरू!

    सीडीएस बिपिन रावत ने संसद की स्थाई समिति को कराया अवगत

    नई दिल्ली (एजेंसी)। आने वाले चार सालों में भारतीय सेना में 1 लाख सैनिक घटाए जाएंगे। खुद चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने पिछले दिनों संसद की स्थाई समिति को इस लक्ष्य के बारे में जानकारी दी है। स्थाई समिति में सीडीएस जनरल रावत ने कहा कि जब जनरल वी.पी. मलिक सेना प्रमुख थे तो उन्होंने 50 हजार सैनिक कम किए जाने पर विचार किया था। लेकिन हमारा लक्ष्य सैनिकों की संख्या में अगले 3-4 साल में करीब एक लाख कम करने का है। जनरल रावत ने कहा कि सैनिकों की संख्या कम करने से जो पैसे की बचत होगी, उसका इस्तेमाल बेहतरीन तकनीक को बढ़ावा देने में होगा। वहीं सरकार ने भी सैनिकों की संख्या में कटौती से बची हुई राशि को तकनीक में प्रयोग करने का भरोसा दिया है। गौरतलब है कि स्थाई समिति की रिपोर्ट पिछले महीने संसद में पेश की गई थी।

    सैन्य मुख्यालयों से फील्ड में भेजे जा रहे अधिकारी

    भारतीय सेना में ढांचागत बदलाव की प्रोसेस पर काम चल रहा है। जिसमें दिल्ली स्थित सैन्य मुख्यालयों से भी अधिकारियों को कम कर फील्ड में भेजा जा रहा है। स्थाई समिति को सेना के ‘टूथ टू नेल’ रेश्यों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बता दें कि टूथ-टू-टेल रेश्यों सैन्य कार्रवाइयों में भाग लेने वाले तथा इन सैनिकों के लिए रसद आदि पहुंचाने वाले सैनिकों के बीच के अनुपात को कहते हैं।

    80 लोग कर सकते हैं 120 लोगों का काम

    संसदीय समिति को उदाहरण देकर समझाया गया कि सेना की एक लड़ाकू कंपनी में अभी 120 लोग होते हैं। लेकिन यदि इस कंपनी को तकनीक से लैस कर दिया जाए तो वही कार्य 80 लोग कर सकते हैं, जिसमे 120 लोगों द्वारा अभी किया जा रहा है।

    अभी कुल 14 लाख जवान

    यदि सीधी सैन्य कार्रवाई में भाग न लेने वाले सैनिकों की तादाद ज्यादा होगी तो असल सैन्य कार्रवाइयों के लिए जरूरी सैनिकों की तादाद में कमी आती जाएगी। इसलिए अगर सैन्य कार्रवाइयों के लिए जरूरी सैनिकों की संख्या ज्यादा रखनी है तो टेल को कम करना होगा। टूथ-टू-टेल अनुपात को कैसे कम किया जाएगा, स्टैंडिंग कमिटी के इस सवाल पर सीडीएस ने मौखिक जवाब में बताया कि 3-4 साल में करीब एक लाख सैनिकों को कम करने का लक्ष्य है। यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। अभी भारतीय सेना में करीब 14 लाख सैनिक हैं।

    ये है मकसद

    सीडीएस ने स्थाई समिति को ये भी जानकारी दी कि हम आधुनिक तकनीक और ज्यादा पैदल सैनिकों पर फोकस कर रहे हैं। वास्तव में वे ही सीमाओं की निगरानी करते हैं। हमारी ज्यादा फोकस उन्हें आधुनिक राइफल, आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और ज्यादा सक्षम बनाने पर है। ताकि तकनीक के मामले में हमारी सेना मजबूत हो। सीडीएस जनरल रावत ने कहा कि हम एकीकृत लड़ाई समूह (इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप) कॉन्सेप्ट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप छोटी-छोटी टुकड़ियां होंगी, जो युद्ध को बेहतरीन तरीके से लड़ने में समर्थ होंगी।

     

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।