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Tuesday, March 17, 2026
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    आखिर इस गर्मी में कैसे बुझेगी गाँव वालों की प्यास?

    Water

    जुलाना ब्लॉक में 38 गांव, आबादी दो लाख, जलघर सिर्फ 30 व बुस्टर 15

    • एक भी पूरे गांव को नहीं मिलता पीने योग्य पानी

    सच कहूँ/कर्मवीर जुलाना। गर्मी तो दूर सर्दियों में भी जुलाना क्षेत्र में पानी का संकट रहता है। जुलाना ब्लॉक में 38 गांव आते हैं, जिनकी आबादी लगभग दो लाख के करीब है, इनमें जलघर सिर्फ 30 व बुस्टर 15 हैं। ऐसे में भला लोगों की प्यास कैसे बुझ सकती है। दो माह में एक सप्ताह नहरों का पानी जलघर में पहुंचना, भूमिगत पानी खारा होना व कर्मचारियों की कमी के कारण पानी का संकट और गहरा हो जाता है।

    तपती गर्मी में लगभग सभी जगह पानी के लिए हाहाकार मच जाता है। कहीं रोड जाम किए जाते हैं और कही जलघर पर ताला जड़ा जाता है। सरकार की प्रति व्यक्ति प्रति दिन 135 लीटर पानी मुहैया करवाने की योजना जमीनी स्तर पर फ्लॉप साबित हो रही है। जुलाना ब्लॉक में 38 गांव आते हैं, जिनकी आबादी दो लाख के करीब है, इनमें सिर्फ 30 ही जलघर हैं। जलघरों में पानी का स्टोर नहरों के पानी से किया जाता है।

    हरों में पानी कम छोड़ने के कारण स्टोर किया गया पानी कुछ दिनों में ही सप्लाई हो जाता है। इसके बाद जलघर के टैंक खाली हो जाते हैं और पानी का संकट गहरा जाता है। हालांकि जलघरों में पानी की कमी को पूरा करने के लिए ट्यूबवेल भी लगाएं गए हैं, लेकिन भूमिगत पानी खारा होने के कारण ट्यूबवेलों का पानी चर्म रोग जैसे अनेक रोगों को दावत देता है। गांव में घर-घर पानी की सप्लाई के लिए जमीनी लाइन लीक होने, लोगों द्वारा व्यर्थ में पानी बहाने से व कर्मचारियों की कमी पानी के इस संकट को और गहरा कर देती है।

    हैंडपंपों का पीते हैं पानी

    जलघर का पानी पीने योग्य नहीं होने के कारण ज्यादातर ग्रामीण हैंडपंपों का पानी ही पीते हैं। पानी की किल्लत के चलते महिलाओं का दूर-दराज के खेतों से पेयजल लाना पड़ रहा है। हैंडपंप ही लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। हालांकि इन हैडपंपों के पानी में भी टीडीएस की मात्रा ज्यादा होती है फिर भी लोग पिए जा रहे हैं।

    ट्यूबवेलों के पानी में टीडीएस की मात्रा ज्यादा

    जलघर में स्टोर किया गया नहरों का पानी समाप्त होने के बाद पानी की सप्लाई ट्यूबवेलों के पानी से की जाती है। भूमिगत पानी पीने योग्य नहीं होने के कारण इसमें टीडीएस की मात्रा ज्यादा होती है। टीडीएस की ज्यादा मात्रा वाला पानी किसी भी लिहाज से प्रयोग करने योग्य नहीं होता है। मजबूरन लोग यह पानी प्रयोग करते हैं, जो अनेक प्रकार के रोगों को न्यौता देता है।

    जुलाना ब्लॉक में 30 जलघर हैं। जलघरों में पानी जमा करवाने के लिए ट्यूबवेलों का प्रबंध भी किया गया है। विभाग द्वारा लोगों को साफ व स्वस्थ पानी मुहैया करवाने का प्रयास रहता है।
    – विनोद कुमार जेई जनस्वास्थ्य विभाग जुलाना।

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