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    भूपेन्द्र सरकार में 10 कैबिनेट समेत 24 मंत्रियों ने ली शपथ, एक भी पुराने चेहरे को जगह नहीं

    Gujrat

    गांधीनगर (एजेंसी)। गुजरात में मुख्यमंत्री परिवर्तन के बाद नवगठित भूपेन्द्र पटेल सरकार के मंत्रियों का बहुप्रतीक्षित शपथ ग्रहण समारोह आज यहां राजभवन में आयोजित किया गया जिसमें 10 कैबिनेट स्तर समेत कुल 24 मंत्रियों को राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। भाजपा के ‘नो-रिपीट’ यानी पूर्ववर्ती सरकार के एक भी मंत्री को दोबारा मंत्री पद नहीं देने के फामूर्ले के तहत विजय रूपाणी सरकार के किसी भी मंत्री को भूपेन्द्र पटेल सरकार मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गयी है। सारे मंत्री नए हैं।

    पिछली बार के उलट इस बार उप मुख्यमंत्री नहीं है और मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने का भी प्रयास किया गया है। पूर्व में कांग्रेस से बगावत कर भाजपा का दामन थामने वाले कुछ चेहरों को भी मंत्री पद दिया गया है। पिछली सरकार में केवल एक ही महिला मंत्री थी जबकि इस बार दो महिलाओं को मंत्री बनाया गया है। दोनो राज्य मंत्री ही हैं। राजभवन में दोपहर डेढ़ बजे से आयोजित समारोह में आज ही विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले श्री राजेंद्र त्रिवेदी (विधानसभा क्षेत्र -रावपुरा) के साथ ही सबसे पहले सामूहिक रूप से कैबिनेट स्तर के मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अन्य मंत्रियों में सर्वश्री जितेंद्र वाघानी (विस क्षेत्र -भावनगर ) , ऋषिकेश पटेल (विसनगर) , पूर्णेश मोदी (सूरत-पश्चिम), राघवजी भाई पटेल (जामनगर ग्राम्य) शामिल थे। शपथ लेने वाले पांच अन्य कैबिनेट मंत्रियों में सर्वश्री कनु देसाई (पारडी) , अर्जुन चौहान (मेहमदाबाद), प्रदीप परमार (असारवा), नरेश पटेल (गणदेवी) और किरीट राणा (लिंबड़ी) शामिल थे।

    14 राज्यमंत्रियों ने ली शपथ

    10 कैबिनेट मंत्रियों के अलावा कुल 14 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली जिनमे पांच स्वतंत्र प्रभार वाले थे। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ लेने वालों में सर्वश्री हर्ष संघवी (मजुरा), जगदीश पांचाल (निकोल) , ब्रिजेश मेरजा (मोरबी) , जीतू चौधरी (कपराड़ा) और श्रीमती मनीष वकील (वडोदरा शहर) शामिल थीं। अन्य राज्य मंत्रियों और उनके विधानसभा क्षेत्रों के नाम इस प्रकार हैं- मुकेश पटेल (ओलपाड), श्रीमती निमिषा सुथार (मोरवा हड़फ) , अरविंद रैयानी (राजकोट-पूर्व), कुबेर डिंडोर (संतरामपुर) , कीर्तिसिंह वाघेला (कांकरेज), गजेंद्रसिंह परमार (प्रांतिज), राघव मकवाणा – (महुवा), विनोद मोरड़िया- (कतारगाम) , देवाभाई मालम ( केशोद)।

    शपथग्रहण में नितीन पटेल भी थे शामिल

    पूर्ववर्ती विजय रूपाणी सरकार में एक उपमुख्यख्यमंत्री के अलावा 10 अन्य कैबिनेट मंत्री और 11 राज्य मंत्री शामिल थे। उसमें केवल एक महिला मंत्री थीं। आज शाम पहली कैबिनेट बैठक होगी और मंत्रियों के विभागों का आवंटन होगा। शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी, ‘रूष्ट’ बताये जा रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, केंद्रीय मंत्री सह गुजरात भाजपा प्रभारी भूपेन्द्र यादव, पार्टी के महामंत्री बी एल संतोष, प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल भी उपस्थित थे।

    गुजरात का नो-रिपीट फामूर्ला ‘अभिनव लोकतांत्रिक प्रयोग’, देश भर में ली जा सकती है प्रेरणा: भाजपा

    भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में मुख्यमंत्री परिवर्तन के बाद बनी पूरी सरकार में एक भी पुराने चेहरे को शामिल नहीं करने के कदम (कथित नो-रिपीट फामूर्ले) को आज एक ‘अभिनव लोकतांत्रिक प्रयोग’ करार दिया। पार्टी ने यह भी कहा कि नए नेतृत्व को उभारने वाले इस प्रयोग से देश भर में प्रेरणा ली जा सकती है। गुजरात भाजपा के प्रभारी और केंद्र सरकार में मंत्री भूपेन्द्र यादव ने आज राज्य के नए मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मंत्रिमंडल के गठन के बाद पत्रकारों से यह बातें कहीं। उन्होंने इस कदम से राज्य के पुराने नेतृत्व और पूर्व मंत्रियों की नाराजगी की बात को खारिज करते हुए दावा किया कि यह एक सर्वसम्मत निर्णय था और उन सबकी शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर तथा सामने मौजूदगी रही। जो दल स्थिरता और सातत्य यानी कन्सिस्टेन्सी और कांटीन्यूइटी के साथ काम करती है वह नए नेतृत्व को उभारता है।

    यादव ने कहा कि पुराने नेताओं के अनुभव के साथ नए नेतृत्व वाली सरकार और संगठन में सामंजस्य से काम होता रहेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा ऐसा प्रयोग पूरे देश में कर सकती है, श्री यादव ने कहा कि इस लोकतांत्रिक प्रयोग से सभी प्रेरणा पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक परिवार में भी नए नेतृत्व को उभारा जाता है ताकि सातत्य बना रहे। वरिष्ठ लोगों का अनुभव संगठन के काम आएगा और वे पार्टी के काम को भी आगे बढ़ायेंगे।

    Cabinet formation in Gujarat sachkahoon

    क्या है मामला:

    दरअसल, गत 11 सितंबर को अचानक तत्कालीन मुख्यमंत्री को हटाने और अगले दिन पहली बार के विधायक भूपेन्द्र पटेल को राज्य की कमान सौंपने के भाजपा के निर्णय के बाद से पार्टी में अंदरूनी कलह का पिटारा खुल गया लगता है। पटेल ने 13 सितंबर को अकेले शपथ ली थी और तब राज्य भाजपा प्रमुख सी आर पाटिल ने कहा था कि मंत्रियों का चयन और शपथ प्रक्रिया एक-दो दिन में पूरी हो जाएगी।

    पाटिल के घर और भाजपा प्रदेश मुख्यालय में औपचारिक तथा अन्य स्थानों पर अनौपचारिक बैठकों के दौर पर दौर जारी हैं पर मंत्रियों की अंतिम सूची बन नहीं पा रही।

    ये बन सकते हैं विधायक मंत्री

    • विधायक बृजेश मेरजा
    • विधायक अरविंद रैयाणी
    • विधायक किरीट सिंह राना
    • विधायक हर्ष सांघवी
    • विधायक ऋषिकेश पटेल
    • विधायक मुकेश पटेल
    • विधायक मनीषा वाकिल
    • विधायक जीतू चौधरी
    • विधायक कुबेर डिंडोर

    नए मंत्रिमंडल में 3 आदिवासी चेहरों को मिल सकती है जगह।

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