हमसे जुड़े

Follow us

32.3 C
Chandigarh
Wednesday, March 4, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा अम्बाला: बंदे...

    अम्बाला: बंदे वो ही जगत में काम के, सतगुरु जो हैं दीवाने तेरे नाम के…

    Ambala sachkahoon

    अंबाला कैंट ब्लॉक की नामचर्चा गांव बब्याल के नामचर्चा घर में आयोजित

    • कविजारों ने भजनों के माध्यम से गाई गुरुमहिमा

    अंबाला(सच कहूँ न्यूज)। अंबाला (Ambala) कैंट ब्लॉक की नामचर्चा गांव बब्याल के नामचर्चा घर में संपन्न हुई । नामचर्चा का शुरूआत ब्लॉक के 15 मेंबर पंकज इन्सां ने पावन नारा ‘‘धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा’’ू बोलकर की। जिसके बाद नामचर्चा में पहुंचे कविराजों ने जपले सतगुरु का नाम जपले, कभी तेरे चरणन न छोडेंगे हम, बंदे वो ही जगत में काम के सतगुरु जो हैं दीवाने तेरे नाम के, क्यों आया बंदे जग में तू, है जीवन कांच का बाजा अचानक फूट जाएगा इत्यादि भजन बोलकर कुल मालिक का गुणगान किया।

    नामचर्चा (Ambala) में सोमनाथ इन्सां ने दरबार में चल रही सेवाओं के बारे में बताया। अमरीक सिंह इन्सां ने साध-संगत को शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग द्वारा की जा रही सेवाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर साध-संगत के जिम्मेवारों में संतोष कुमार इन्सां, महेश कुमार इन्सां, कमल इन्सां, संजय इन्सां, पन्ना लाल इन्सां, बलबीर इन्सां, चमन लाल इन्सां, अजमेर इन्सां, बहन प्रेम लता इन्सां, सावित्री इन्सां, बिमला इन्सां सहित अन्य मौजूद रहे।

    मानवता भलाई कार्यों को गति देने का दोहराया संकल्प

    नामचर्चा (Ambala) में जिम्मेवारों ने साध-संगत को संबोधित करते हुए कहा कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने हमेशा इंसानियत का पाठ पढ़ाया है। जिस पर चलते हुए आज भी साध-संगत दिन-रात मानवता भलाई के कार्यों में लगी हुई है। आज भी हम पूज्य गुरु जी के अडोल आशिक हैं और हमारा दृढ़ विश्चास सदा अपने गुरु जी के प्रति बना रहेगा।

    साध-संगत अब दोगुनी रफ्तार के साथ मानवता भलाई के कार्य करेगी। इस अवसर पर साध-संगत ने एक स्वर में पावन नारा लगाते हुए कहा कि उन्हें पूज्य गुरु जी पर पहले भी अटूट विश्वास था और अब पहले से भी ज्यादा अटूट विश्वास है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here