हमसे जुड़े

Follow us

11.7 C
Chandigarh
Saturday, February 7, 2026
More

    चिंताजनक: यूएई में मंकीपॉक्स का मामला आया सामने

    Monkeypox

    तेजी से बढ़ रहे मंकीपॉक्स के मामले

    अबू धाबी (एजेंसी)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहला खाड़ी देश बन गया है, जहां मंकीपॉक्स का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने घोषणा की कि उन्होंने एक यात्री में मंकीपॉक्स मामले का पता लगाया है, जो हाल ही में पश्चिम अफ्रीका का दौरा किया था। हालांकि उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी प्रकोप से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यूरोप में इसके साथ, चेक गणराज्य और स्लोवेनिया में भी मंकीपॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं।

    मंकीपॉक्स क्या है?

    मंकीपॉक्स मानव चेचक के समान एक दुर्लभ वायरल संक्रमण है। यह पहली बार 1958 में शोध के लिए रखे गए बंदरों में पाया गया था। मंकीपॉक्स से संक्रमण का पहला मामला 1970 में दर्ज किया गया था। यह रोग मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षावन क्षेत्रों में होता है और कभी-कभी अन्य क्षेत्रों में पहुंच जाता है। हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में संक्रामक रोगों पर सलाहकार डॉ. मोनालिसा साहू ने कहा, ‘मंकीपॉक्स एक दुर्लभ जूनोटिक बीमारी है जो मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण के कारण होती है। मंकीपॉक्स वायरस पॉक्सविरिडे परिवार से संबंधित है, जिसमें चेचक और चेचक की बीमारी पैदा करने वाले वायरस भी शामिल हैं।’

    साहू ने कहा, ‘अफ्रीका के बाहर, अमेरिका, यूरोप, सिंगापुर, ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं और इन मामलों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा व बीमारी से ग्रस्त बंदरों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने से जोड़ा गया है।’

    बीमारी के लक्षण

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मंकीपॉक्स आमतौर पर बुखार, दाने और गांठ के जरिये उभरता है और इससे कई प्रकार की चिकित्सा जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। रोग के लक्षण आमतौर पर दो से चार सप्ताह तक दिखते हैं, जो अपने आप दूर होते चले जाते हैं। मामले गंभीर भी हो सकते हैं। हाल के समय में, मृत्यु दर का अनुपात लगभग 3-6 प्रतिशत रहा है, लेकिन यह 10 प्रतिशत तक हो सकता है। संक्रमण के वर्तमान प्रसार के दौरान मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है।

    संक्रमण का प्रसार कैसे होता है?

    मंकीपॉक्स किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के निकट संपर्क के माध्यम से या वायरस से दूषित सामग्री के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। ऐसा माना जाता है कि यह चूहों, चूहियों और गिलहरियों जैसे जानवरों से फैलता है। यह रोग घावों, शरीर के तरल पदार्थ, श्वसन बूंदों और दूषित सामग्री जैसे बिस्तर के माध्यम से फैलता है। यह वायरस चेचक की तुलना में कम संक्रामक है और कम गंभीर बीमारी का कारण बनता है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here