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Thursday, April 2, 2026
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    दो रूपए किलो की खेप सड़ी हुई निकली

    • धोखा ग्रामीणों में रोष, विभाग को कोसा, परिवारों सहित धरने पर बैठने की चेतावनी
    • बोरियों से निकल रहा पुराना व गला सड़ा गेहूं

    बंमना (कर्मचंद राजला)। पंजाब सरकार की ओर से नीले कार्ड धारकों को दो रूपए किलो गेहूं वितरित किया जाता है। बुधवार को इसी कड़ी के तहत गरीबों को गेहूं वितरित की गई। गांव रेतगढ़ के ग्रामीण इसे बड़ा घोटाला बता रहे हैं और उनका कहना है कि खपतकारों को गला-सड़ा गेहूं वितरित किया जा रहा है। सरकार व अधिकारियों की इस लापरवाही प्रति ग्रामीणों में भारी रोष पाया जा रहा है। लोगों ने ऐसे अनाज को लेने से साफ इंकार करते हुए कहा कि सरकार को गरीबों के साथ ऐसे मजाक नहीं करने चाहिए। लोगों ने बताया कि यह गेहूं गल सड़कर काला पड़ा चुका है। इसके ऊपर से न जाने कितने पुराने बारदानों में डाला गया है।
    ग्रामीण सीता राम, भोला सिंह, गुरमेल सिंह, चरनजीत सिंह, दर्शन सिंह और पंचायत मैंबर रूड़ सिंह ने बताया कि विभाग ने पिछले छह महीनों की गेहूं बांटी है। जब ग्रामीणों ने बोरी खोलकर देखी तो गेहूं बिल्कुल खराब थी, जिसे देखकर ग्रामीण हक्के-बक्के रह गए। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त गेहूं पशुओं के खाने के भी लायक नहीं।

    घोटाले की आशंका

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मामले में कथित घोटाले होने की आंशका जताई है। इसके पीछे बड़े घोटाले की साजिश हो सकती है। पत्रकारों ने देखा कि विभाग द्वारा जो गेहूं बांटी गई है, उसके थैलों पर साल 2016/17 और एजेंसी पनग्रेन लिखा हुआ है।

    क्या बोले अधिकारी
    इस संबंधी जब जिला फूड सप्लाई अधिकारी हरजीत कौर से बात नहीं हो सकी। स्थानीय डीएफएसओ दीपचन्द गर्ग से संपर्क किया तो उन्होंने बांटी गई गेहूं प्रति लापरवाही व्यक्त की और एएफएसओ से बात करने के लिए कहा। जब एएफएसओ से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि इस संबंधी इंस्पेक्टर ही बता सकता है। जब इंस्पेक्टर जसविन्दर कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लाभपात्रियों को 1350 के लगभग थैले गेहूं बांटी गई है और खराब गेहूं संबंधी उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंधी बिल्कुल जानकारी नहीं, क्योंकि गेहूं खपतकारों को साफ-सुथरी ही सप्लाई की जाती है।

    विभाग को संघर्ष की चेतावनी दी
    ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस गेहूं को बदलकर न भेजा तो लोग अपने बच्चों को साथ लेकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ संघर्ष करेंगे। लोगों ने बताया कि नीले कार्ड बनाने में भी बड़ी स्तर पर पक्षपात किया गया है। जिस कारण जरुरतमंद लोगों को सरकार की इसका लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने नीले कार्ड दोबारा बनाने की मांग करते हुए कहा कि योग्य लोगों के ही नीले कार्ड बनाए जाने चाहिए।

    इस संबंध में फूड सप्लाई अधिकारी ने कहा कि बोरी के निचले स्तर का कुछ गेहूं जरूरत खराब हो सकता है, यदि इसमें ज्यादा खराबी है तो विभाग से बात कर गेहूं को बदला जा सकता है।

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