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Thursday, March 12, 2026
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    राज्यपाल दरबार में अटके दो अहम बिल

    • दोनों बिल पास करवाकर अकाली दल बड़ें वोट बैंक पर सेंध लगाने की फिराक में
    • राज्यपाल ने बिल पास करने को नहीं दी इजाजत, फाइल वापिस भेजी

    ChandiGarh, Ashwani Chawla: पंजाब विधान सभा का तत्काल सेशन बुलाकर चंद मिनटों में 27 हजार कर्मचारियों को पक्का करने व पंजाब के प्राईवेट स्कूलों पर रेगुलेटरी कमीशन लगाने वाला बिल पंजाब के राज्यपाल बीपी बदनौर के कार्यालय पहुंचा। सोमवार को बिल विधान सभा में पास करने के तुरंत बाद सारी कार्रवाई मुकम्मल करते हुए राज्यपाल बीपी सिंह बदनौर को भेज दिया जाएगा, लेकिन पंजाब सरकार ने 5 मिनट की दूरी पर स्थित राज्यपाल के कार्यालय तक बिल पहुंचाने में 90 घंटें का समय लगा दिया है। दूसरी तरफ आखिरकार बिल पहुंचाने के बाद उम्मीद के विपरीत सरकार के दोहरे अहम बिलों को राज्यपाल बीपी सिंह बदनौर ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है। अब इन दोनों बिलों के लटकने के आसार बन गए हैं, क्योंकि अध्यादेश पर हस्ताक्षर करने से इंकार करते हुए राज्यपाल ने वापिस भेज दिया था।

    विधानसभा सत्र में होंगे पास
    जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने 27 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए दो महीने पहले एक अध्यादेश जारी किया था। उस अध्यादेश को लागू करवाने के लिए सरकार ने पंजाब के राज्यपाल बीपी सिंह बदनौर के पास भेजा था लेकिन उन्होंने अध्यादेश को वापिस भेज दिया था। जिसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कुछ ही घंटों में पंजाब कैबिनेट की मीटिंग बुलाकर एक दिनों का विधानसभा सत्र बुलाने का ऐलान कर दिया, ताकि दोनों बिलों को पास किया जा सके।

    पक्के नहीं होेंगे कर्मचारी!
    विधानसभा का सत्र बुलाकर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने व प्राईवेट स्कूलों पर रेगुलेटरी कमीशन बनाने के अलावा कुल 9 बिलों को पास तो कर दिया लेकिन इन बिलों को वापिस लौटा दिया। राज्यपाल की मंजूरी के बिना यह बिल एक्ट का रूप धारण नहीं कर सकते और इन्हें लागू करते हुए कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा सकता है।

    कर्मचारी घबराए
    पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत 27 हजार से ज्यादा कच्चे कर्मचारी घबराए हुए हैं क्योंकि किसी भी वक्त विधानसभा चुनावों को लेकर बिगुल बज सकता है। चुनावों का ऐलान होते ही पंजाब में आचार संहिता लग जाएगी, जिस कारण बिल की मंजूरी से लेकर इसे लागू करने संबंधी कोई अधिसूचना जारी नहीं होगी और कर्मचारी नियमित नहीं हो सकेंगे।

    27 हजार कर्मचारियों को पक्का करने व प्राईवेट स्कूलों पर रेगुलेटरी कमीशन लगाने वाला बिल को पंजाब के राज्यपाल बीपी बदनौर सिंह ने मंजूरी नहीं दी है। अब इन दोनों बिलों के लटकने के आसार बन गए हैं।

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