हमसे जुड़े

Follow us

12.4 C
Chandigarh
Sunday, February 22, 2026
More
    Home देश नाच रहा ये जह...

    नाच रहा ये जहां ..

    Param Pita Shah Satnam Ji Maharaj
    Param Pita Shah Satnam Ji Maharaj : पूज्य सतगुरू जी ने बख्शी शिष्य को नई जिंदंगी

    ” नाच रहा ये जहां “नाच रहा ये जहां ..
    डालू जिधर नजर रहमतों के भंडार खुले हैं ,

    होकर खुशियों में बावले
    आज हम अपने को भूले हैं ।

    हमारी किस्मत बनाई ,
    की तुम्हें पाकर धन्य हुए ।

    आज चली महकती पुरवाई ,
    जो हर दिल को छुए ।

    नाच रहा है ये जहां ,
    हलचल है दसों दिशाओं में ।

    Shah-Satnam-Singh-Ji maharaj sachkahoon

    नीर प्रेम का बहे ,
    वैराग्य है भावनाओं में ।

    उतर आया हो चांद धरा पर ,
    ऐसा प्रकाश है सब ओर ,
    आगमन में खुदा के ,
    स्वागत कर रही है भोर ।

    Shah Satnam Ji Maharaj

    हजूर को पहना कर हार ,
    शाह – सतनाम जी ने सौंपी संगत की जिम्मेवारी ।
    जीव को काल से छुड़ाने ,
    दी दोनों जहां की नंबरदारी ।
    इंसानियत बचाने हेतु ,
    सतगुरु बनकर आए हैं जवान ।

    डेरा सच्चा सौदा की राह पर चलके ,
    हषार्या ये जहान ।
    जिसने खुदा माना ,
    लूट रहे हैं वो नजारे ।

    करते सेवा जो ,
    खुशियां नाचे उनके द्वारे ,
    भटके न कभी राह से ,
    तू रखना हरदम अपने पास ।
    सूरत हो आपकी ही दिल में ,
    बस इतनी सी कहूं बात ।।

    कुलदीप स्वतंत्र

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here