महारहमोकर्म दिवस की खुशी में जमकर नाची संगत

sirsa

सरसा। परम पिता शाह सतनाम जी महाराज का 63वां पावन एमएसजी महारहमोकर्म (गुरुगद्दीनशीनी) दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एमएसजी भंडारे पर पूज्य गुरु जी ने आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से करोड़ों साध-संगत को दर्शन दिए। पूज्य गुरु जी ने सभी साध-संगत को एमएसजी महारहमोकर्म दिवस की बधाई दी। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि भगवान खुशियां दे। सबको बहुत-बहुत आशीर्वाद। मालिक सबको खुशियों से नवाजे। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इस दिन 28 फरवरी को सार्इं दाता रहबर कुल मालिक शाह मस्ताना जी महाराज ने परम पिता शाह सतनाम जी दाता रहबर को गुरगद्दी पर बैठाया और आप वो तस्वीर भी देख सकते हैं। आज वो ही दिन है और परम पिता शाह सतनाम सिंह जी दाता रहबर ने हम पे महान उपकार किए।

उन्होंने फरमाया हम थे, हम हैं, हम ही रहेंगे। ये अपनी मुरीदों के लिए अपने शिष्यों के लिए बात कही गई और आज भी फिर से वो ही बात जो सच्चे सौदे के साढ़े 6 करोड़ लोग राम-नाम से जुड़े हैं, नशे छोड़ चुके है, बुराइयां छोड़ चुके हैं, भक्ति से जुड़ गए हैं। आज फिर वही बात फिर से दोहराते हुए हम फिर कहते हैं कि बेपरवाह जी ने ये ही फरमाया था हम थे, हम हैं, हम ही रहेंगे आज भी ज्यों का त्यों बरकरार है। उनकी कही हुई बात अपने मुरीदों को साढ़े 6 करोड़ लोग जो सच्चे सौदे के अनुयायी है भक्त है यानी जिन्होंने नशे छोड़े हैं, बुराईयां छोड़ी है तो आज का दिन विशेष हो जाता है कि आज के दिन में दाता रहबर ने सरेआम जाहिर किया कि हम शाह सतनाम जिसे दुनिया ढुंढती है आप सबके सामने उनको बिठा रहे हैं। मुर्शिदे-कामिल दाता का जो रहमोकर्म है हम सबपे बेइंतहा है।

वो गांवों-गांवों में शहरों में कस्बो में जा जाके नशा छुड़ाया। बुराइयां छुड़ाई और नर्क जैसे घरों को स्वर्गमय बना दिया तो उस दाता को अरबो-खरबो बार सजदा है। वहीं शाह सतनाम जी धाम सरसा में भारी तादाद में साध-संगत पहुंची। पंडाल खचाखच भर चुके हैं। साध-संगत अपनी खुशी का इजहार नाचकर कर रही है।

 

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।