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    बीमार मां का इकलौता चिराग बुझा, लगाया फांसी का फंदा

    Kaithal
    सांकेतिक फोटो

    माँ अस्पताल में दाखिल, घर पर चाय लेने गया था अंकित

    हिसार। (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। कभी-कभी किसी के घर दुखों का ऐसा पहाड़ टूट पड़ता है कि सभी सोचने के लिए मजबूर हो जाते हैं कि ऐसा हुआ क्यों? हिसार नगर निगम के गांव गंगवा (Gangwa) में शनिवार को ऐसा ही हुआ। बीमार मां आजाद नगर के अस्पताल में उपचाराधीन है। उनका कई दिनों से इसी अस्पताल में इलाज चल रहा था। मां ने दोपहर को अपने बेटे अंकित को घर से चाय लाने के लिए कहा तो इकलौता बेटा अंकित अपने घर चाय लेने के लिए आ गया। लेकिन हुआ बड़ा ही दर्दनाक हादसा।

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    बेटा अंकित भी अपनी मां को अस्पताल से यह कहकर निकला था कि वह उनके लिए अभी चाय लेकर आ रहा है। लेकिन जब कई देर तक भी वह चाय (Tea) लेकर नहीं आया तो माँ ने अपने बेटे अंकित के पास फोन मिलाया, लेकिन फोन नो रिप्लाई आया। कई बार फोन करने के बावजूद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो माँ ने किसी पड़ोसी के पास फोन कर अंकित से बात करवाने की कही। इस पर जब पड़ोसी ने घर जाकर देखा तो अंकित का शव फांसी के फंदे पर झूलता मिला। अब पड़ोसी भी बीमार मां को इस बात की सूचना कैसे दें? आखिर पड़ोसी ने इस बात की सूचना पहले ग्रामीणों को व फिर आजाद नगर पुलिस चौकी को दी। जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय अंकित बिजली रिपेयर का काम करता था।

    वह आर्थिक रूप से व अपनी मां की बीमारी से मानसिक रूप से परेशान था। अंकित के पिता की भी 3 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। अंकित की एक बड़ी बहन है, वह शादीशुदा है। अंकित की इस दुखदाई मौत के बाद सबसे बड़ा दुखों का पहाड़ मां पर टूट पड़ा है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब बीमार मां को यह बात कैसे बताई जाए कि उनका बेटा जो अभी चाय लेने गया था वह इस दुनिया में नहीं रहा? सूचना मिलने के बाद आजाद नगर पुलिस चौकी (Police Chowki) ने अंकित के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए महाराजा महाराजा अग्रसेन नागरिक अस्पताल हिसार की मोर्चरी में भिजवा दिया।

    दूसरी तरफ पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर अंकित ने किस परेशानी के चलते सुसाइड किया। बीमार माँ के इकलौते बेटे की मौत का समाचार पाकर पूरे गांव में गमगीन माहौल है। वहीं अस्पताल में उपचाराधीन मां को संभालने वाला भी कोई नहीं है। आजाद नगर चौकी पुलिस (Police) इस मामले में बयानों का इंतजार कर रही है, लेकिन इस मामले में मां का बयान कैसे लिया जाए यह भी एक चुनौती भरा कार्य है।

    सुसाइड भी एक मानसिक रोग | (Suicide)

    इस संबंध में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ संदीप सिहाग ने बताया कि सुसाइड भी एक मानसिक रोग है। अचानक से कभी भी किसी भी व्यक्ति के मन में सुसाइड करने की बात मन में नहीं आती। जब कोई व्यक्ति हद से ज्यादा परेशानी में होता है तो या फिर मानसिक अवसाद में होता है, तभी सुसाइड (Suicide) जैसा कदम उठाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए किसी भी बात से परेशान रहने वाले व्यक्ति से बातचीत करनी चाहिए। यहां स्थिति बिल्कुल ही अलग है, क्योंकि घर में सिर्फ मां और बेटा ही रहते थे। मां खुद बीमार थी व बेटा परेशान था। पुलिस इस मामले में ग्रामीणों के सहयोग से जरूरी कार्रवाई में लगी है।

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