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    ‘ट्रयू ब्लड पंप का एक ही लक्ष्य’, ‘रक्त बिन न जाए कोई जिंदगी’

    164 दिनों में एमरजैंसी में रक्त की जरूरत पड़ने पर किया 130 यूनिट रक्तदान

    • दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझ कर रक्तदान करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं ब्लाक मलोट के सेवादार

    मलोट (सच कहूँ/मनोज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए जहां 18 वर्ष की आयु पूरी करते ही युवा रक्तदानी बन रहे हैं, वहीं एमरजैंसी दौरान मरीज को रक्त की जरूरत पड़ती है तो तुरंत यह सेवादार दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझ कर रक्तदान करने के लिए पहुंच जाते हैं। अगर देखा जाए तो ब्लाक मलोट के सेवादारों की भी इस तरह की कहानी है। (Malot News)

    यह भी पढ़ें:– डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं जैसा सेवा का जज्बा कहीं नहीं दिखता – डॉ. सुनील कुमार

    पूज्य गुरू जी ने पूरी मानवता की भलाई के लिए 157 मानवता भलाई के कार्य शुरू किए हैं, जिसमें देश व विदेशों की साध-संगत के साथ-साथ ब्लाक मलोट की साध-संगत भी अपना पूरा सहयोग दे रही है और इन मानवता भलाई कार्यों के तहत पूज्य गुरु जी की समाज भलाई की शिक्षाओं पर अमल करते हुए मलोट के युवा सेवादार एमरजैंसी दौरान मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने पर सबसे पहले खड़े हुए नजर आते हैं।

    अब अगर बात ब्लाक मलोट के युवा सेवादारों द्वारा इस साल में किए गए एमरजैंसी दौरान रक्तदान की की जाए तो इन सेवादारों ने साल 2023 के 164 दिनों में एमरजैंसी दौरान मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने पर 130 यूनिट रक्तदान किया है। मलोट के रक्तदानी सेवादारों से बात करने पर नवल किशोर इन्सां ने बताया कि उन्होंने अब तक 109 बार रक्तदान किया है,

    सुरेन्द्र कुमार बग्गू इन्सां ने अब तक 102 बार रक्तदान किया

    वहीं सुरेन्द्र कुमार बग्गू इन्सां ने अब तक 102 बार, राजेन्द्र कुमार इन्सां ने 77 बार, रिंकू छाबड़ा इन्सां ने 72 बार, भारत भूषण इन्सां (टीटा) ने 71 बार, राज कुमार इन्सां ने 62 बार, संजू सेठी इन्सां ने 60 बार, टिंकू इन्सां ने 57 बार, रोबिन गाबा इन्सां ने 57 बार, दीपक मक्कड़ इन्सां ने 55 बार, विकास कुमार इन्सां ने 54 बार, मुकेश कालड़ा इन्सां ने 60 बार रक्तदान किया है। (Malot News)

    वहीं रक्तदान के क्षेत्र में बहनें भी किसी से कम नहीं हैं, जंगीर कौर इन्सां ने 43 बार, सुनीता इन्सां ने 36 बार, सतवंत कौर इन्सां ने 35 बार और प्रवीन इन्सां ने 26 बार रक्तदान किया है। रक्तदान समिति के सेवादार टिंकू इन्सां व रिंकू छाबड़ा इन्सां ने बताया कि ब्लाक मलोट के ऐसे बहुत से सेवादार हैं, जो नियमित रूप में रक्तदान कर रहे हैं और कई सेवादारों ने 100 से अधिक बार कई 50 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके हैं।

    साध-संगत द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई के कार्य प्रशंसनीय: एसएमओ

    सिविल अस्पताल मलोट के एसएमओ डॉ. सुनील बांसल का कहना था कि डेरा सच्चा सौदा मलोट की साध-संगत द्वारा एमरजैंसी दौरान मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने पर रक्तदान करना, मरणोपरांत नेत्रदान व शरीरदान करना बहुत ही प्रशंसनीय कार्य है। साध-संगत द्वारा जो कार्य किए जा रहे हैं। उसकी मैं दिल से प्रशंसा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि सेवादार इसी तरह मानवता भलाई के कार्य करते रहेंगे।

    सेवादारों में सेवा भावना कमाल की है: प्रवीन जैन (Malot News)

    एसएस जैन सभा मलोट के प्रधान प्रवीन जैन का कहना था कि सेवादारों में सेवा की भावना कमाल की है और पूज्य गुरू जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए सेवादार दिन-रात मानवता की सेवा में लगे हुए हैं और एमरजैंसी दौरान मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने पर भी सेवादार बिना समां गवाए पहुंच जाते हैं, यह भी कमाल की सेवा है। उन्होंने समूह रक्तदानियों की प्रशंसा करते उनकी लम्बी आयु की कामना की।

    पूज्य गुरू जी की शिक्षा से सेवादार उत्साह से कर रहे रक्तदान: गुरदास सिंह इन्सां

    85 मैंबर गुरदास सिंह इन्सां का कहना था कि ब्लाक मलोट की साध-संगत द्वारा एमरजैंसी दौरान मरीजों को पूरे उत्साह से रक्तदान कर कीमती मानवीय जिंदगियां बचाने में सहयोग किया जा रहा है। यह पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पाक-पवित्र शिक्षाओं का ही कमा है। उन्होंने रक्तदानी सेवादारों की दिल से प्रशंसा की।

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