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    इतिहास में पहली बार घग्गर साइफन से आईजीएनपी में छोड़ा पानी, लापरवाही पर जेईएन निलंबित

    Rajasthan Flood

    आरडी के सभी गेट खोले, सफाई कार्य युद्ध स्तर पर | Rajasthan Flood

    हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Rajasthan Flood : क्षेत्र से गुजर रही घग्घर नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को टालने के लिए जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। रविवार यानी सोलह जुलाई को गुल्लाचिक्का हैड पर पानी की मात्रा में कुछ कमी आई। लेकिन ओटू से राजस्थान के लिए पानी की मात्रा लगातार बढ़ाई जा रही है। रविवार को गुल्लाचिक्का हैड पर 53043, खनौरी 16000, ओटू हैड से 26300 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। नाली बेड में अब 4800, घग्घर साइफन में 12200, जीडीसी में 7300, जीडीसी आरडी 133 में 2000, एसओजी ब्रांच में 1750 व जीडीसी आरडी 158 में 1900 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है।

    जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ओटू हैड से पानी रिलीज किया गया है, जिसके आगामी कुछ घंटों में पहुंचने का अनुमान है। जिला कलक्टर के प्रयासों से इतिहास में पहली बार घग्घर साइफन से आईजीएनपी में पानी डाला जा रहा है और इसके गेटों को खोला गया है। अब पानी स्थानांतरित होना प्रारंभ हो गया है, जिससे नाली बैड और जीडीसी पर पानी का दबाव कम हो रहा है। Rajasthan Flood

    बाढ़ के खतरे के बीच राहत की बात यह है कि घग्घर नदी में पानी का दबाव करने के लिए टिब्बी क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के आरडी 629 तथा जीडीसी के जीरो आरडी के बीच में बने हेड के सभी गेट खोल दिए गए हैं। गेट के नीचे जमी मिट्टी को निकालने का काम रविवार को भी जारी रहा। ज्यादा मिट्टी होने की वजह से गेटों की सफाई तेजी से नहीं हो पा रही। बताया जा रहा है शनिवार रात करीब ग्यारह बजे तक एक गेट की सफाई का कार्य ही पूरा हो पाया था।

    जबकि दस गेट लगे हुए हैं। जिस एक गेट की सफाई पूरी हुई, उसमें से थोड़ा-बहुत पानी शनिवार रात करीब ग्यारह बजे इंदिरा गांधी नहर में जाने लगा। सभी गेट दुरुस्त हो जाएंगे और पानी का प्रवाह तेजी से होने लगेगा, तभी घग्घर में पानी का दबाव कम हो सकेगा। इस बीच रविवार को भी पानी बढ़ने का क्रम जारी रहने पर एहतियात बरती जा रही है। अफसर रात-दिन मशीनें लगाकर हैडों की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।

    जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा, एक्सईएन सुरेश सुथार, रामाकिशन सहित अन्य अधिकारियों की टीम मुस्तैदी से इस कार्य में जुटी हुई है। टिब्बी क्षेत्र से लेकर पीलीबंगा तक घग्घर बहाव क्षेत्र में पुलिस अधिकारी भी मुस्तैद हैं जो पूरी रात बंधों की निगरानी का कार्य कर रहे हैं। इस बीच सिंचाई विभाग के एक अभियंता ने पानी को लेकर भ्रम फैला दिया। कार्य में लापरवाही बरतने तथा नकारात्मक प्रचार के चलते मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा ने उक्त कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है।

    निलंबित कनिष्ठ अभियंता कृष्ण कुमार कस्वां के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुख्य अभियंता ने नहर व घग्घर नदी के हेडों की निगरानी को तैनात किए गए अभियंताओं को सतर्क होकर कार्य करने की नसीहत दी है। ताकि संभावित बाढ़ के खतरे को टाला जा सके। वहीं पानी की कहानी जानने को लेकर देर रात तक लोग परिचितों से जानकारी लेते रहे। लोगों की रात की नींद उड़ गई है।

    मदद के लिए तैयार की युवाओं की टीम | Rajasthan Flood

    घग्घर नदी में पानी की भारी आवक के चलते बन रही बाढ़ की आशंका के दृष्टिगत यूथ क्लब सोसायटी की ओर से युवाओं की टीम तैयार की गई है। आपदा की स्थिति में जरूरतमंद के लिए दवाई, भोजन, पानी आदि की व्यवस्था करने में युवाओं की टीम प्रशासन का सहयोग करेगी। समाजसेवी प्रो. सुमन चावला ने बताया कि जरूरत पड़ने पर यह टीम संबंधित के घर तक पहुंचेगी। सोसायटी की ओर से हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए गए हैं।

    जिले में कुल 55 राहत केन्द्र चिह्नित

    जिले में कुल 55 राहत केन्द्रों को चिह्नित किया गया है। जिसमें अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिए 33 राहत केन्द्रों में व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। टिब्बी तहसील क्षेत्र में पन्नीवाली, पीरकामडिया, शेरेकां, कमरानी गांव की विस्थापित करने योग्य 3800 आबादी के लिए 14 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक प्रशासन की अपील से 310 व्यक्ति सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।

    हनुमानगढ़ तहसील क्षेत्र के अमरपुरा थेड़ी, मक्कासर, करणीसर, सहजीपुरा, बहलोलनगर, 7 एसएनम 3 एसएनएम गांव की विस्थापित करने योग्य 3250 आबादी के लिए 12 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक कुल 184 नागरिक प्रशासन की समझाइश से शिफ्ट हो गए हैं। वहीं पीलीबंगा तहसील क्षेत्र में 23 एसटीजी, 26 एसटीजी, 29 एसटीजी चक/गांव की विस्थापित करने योग्य 2700 आबादी के लिए 7 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक लगभग 200 व्यक्ति सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। राहत केन्द्रों में भोजन, आवास, पानी, साफ-सफाई और शौचालय आदि व्यवस्था के लिए विभिन्न प्रभारी लगाए गए हैं।

    जलभराव वाले क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह | Rajasthan Flood

    प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि घग्घर नदी के बहाव क्षेत्र के अतिसंवेदनशील क्षेत्र में निवास करने वाले आमजन सुरक्षित स्थानों पर अथवा प्रशासन की ओर से बनाए गए राहत केन्द्रों में प्रस्थान करें। पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भिजवा दें। पशु चरवाहे नाली क्षेत्र से दूर रहें। आम नागरिक नदी बहाव क्षेत्र से दूर रहें। नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाएं। तेज बहाव में वाहन न उतारें, पानी निकलने वाली रपट से नहीं गुजरें।

    तेज बहाव के समय आसपास के बिजली के तारों के टूटने एवं खंभों के गिरने की संभावना रहती है अत: सावधानी रखें। बैटरी से संचालित मोबाइल फोन, इन्वर्टर इत्यादि उपकरणों को चार्ज रखें। आपातकालीन स्थितियों के लिए एक थैली, सूखे कपड़े, दवाइयों की किट, टॉर्च, मोबाइल फोन, रस्सी इत्यादि सामान अपने पास रखें। घर में रखे कीमती सामान समय रहते सुरक्षित कर लें।

    यहां दे सकते हैं सूचना | Rajasthan Flood

    जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने व किसी प्रकार की सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम शुरू कर आपातकालीन नम्बर जारी किए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 01552-260793, 01552-244288, जिला स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष 01552-260299, ड्रेनेज खण्ड में स्थापित नियंत्रण कक्ष 01552-260079, पीलीबंगा नियंत्रण कक्ष 01508-233313 व टिब्बी नियंत्रण कक्ष के नम्बर 01539-234123 हैं।

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