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    शहरी क्षेत्रों में तैनात होंगी 33 आशा कार्यकर्ता : सीएमओ

    Bulandshahr News
    जनपद के शहरी क्षेत्रों में भी अब जल्दी ही आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती होगी।

    बुलन्दशहर, खुर्जा, सिकन्द्राबाद, गुलावठी और जहांगीराबाद के लिए होगा 33 आशा कार्यकर्ताओं का चयन | Bulandshahr News

    बुलन्दशहर (सच कहूँ न्यूज)। जनपद के शहरी क्षेत्रों में भी अब जल्दी ही आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती होगी। आशा कार्यकर्ता का मुख्य काम नेशनल हेल्थ मिशन की योजनाओं को शहरी आबादी खासकर वहां की मलिन बस्तियों तक पहुंचाने का होगा। जनपद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में चयन के लिए कमेटी का गठन हो चुका है। शहरी क्षेत्र से आशा कार्यकर्ता के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जल्दी ही प्रक्रिया पूरी कर चयन किया जाएगा।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनय कुमार सिंह ने बताया जनपद के बुलंदशहर, खुर्जा, गुलावठी, सिंकदराबाद और जहांगीराबाद में 33 आशा कार्यकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। शहरी आशा कार्यकर्ता के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत तकरीबन 200 से 500 घरों के बीच एक आशा कार्यकर्ता को तैनात किया जायेगा। इनकी योग्यता कम से कम हाईस्कूल होगी। स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ दंपति को शिक्षित करने में लगीं महिलाओं को आशा कार्यकर्ता के रूप में सीधी तैनाती दी जाएगी। जनपद में आशा कार्यकर्ताओं के चयन के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी इनकी सीधी भर्ती करेगी। Bulandshahr News

    उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी डा. शशिकांत राय ने बताया शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता को शहर की मलिन बस्तियों में एक साल तक की उम्र के शिशुओं की देखभाल करने की जिम्मेदारी होगी। आशा कार्यकर्ता एम्बुलेंस की मद्द से प्रसव के बाद मां और शिशु दोनों को घर पहुंचाएंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा में सुधार होगा, जागरूकता के चलते लोग योजना का लाभ उठा सकेंगे। Bulandshahr News

    उन्होंने बताया आशा कार्यकर्ता सरकार के 60 से अधिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं में अपनी सेवाएं दे रही हैं, जिनमें प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु सेवाएं, परिवार कल्याण, सर्वेक्षण, मलेरिया, कुष्ठ, एड्स जैसी बीमारियों के नियंत्रण, एनसीडी, टीकाकरण कार्यक्रम, गर्भवती एवं महिलाओं के प्रसव बाद की देखभाल, कुपोषण नियंत्रण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। आशा कार्यकर्ता रोजाना लगभग आठ घंटे काम करती हैं और इनका कोई निश्चित मानदेय निर्धारित नहीं है। आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले मानदेय को कुछ इस तरह समझा जा सकता है कि इन्हें पॉइंट्स के आधार पर मेहनताना मिलता है यानि इनका मानदेय इंसेंटिव पर आधारित है। Bulandshahr News

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