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    जिला परिषद बैठक, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आपस में भीड़े पार्षद, देबवन से सौंगल सड़क पर चले सवाल जवाब

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    Kaithal जिला परिषद बैठक, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आपस में भीड़े पार्षद, देबवन से सौंगल सड़क पर चले सवाल जवाब

    सच कहूँ/ कुलदीप नैन
    कैथल। जिला परिषद कार्यालय में सोमवार को सदन की विशेष बैठक का आयोजन किया गया | बैठक में अध्यक्ष के अलावा पूर्व अध्यक्ष और अन्य पार्षद पहुंचे | इस दौरान सभी विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे | सदन की इस बैठक में भ्रष्टाचार का मुद्दा काफी जोर-शोर से उठा। पूर्व चेयरमेन दीप मलिक जाखौली पहली बार अपना पद छीन जाने के बाद सदन की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे। उन्होंने मनरेगा सहित अन्य विकास कार्य में घोटालेबाजी के आरोप लगाए। पूर्व अध्यक्ष दीपक मलिक ने जनस्वास्थ्य विभाग पर काम में लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए कहा कि जाखौली गांव में पिछले पांच वर्ष से पाइपलाइन की मरम्मत न होने के चलते सप्लाई बंद पड़ी है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बार बार कहने पर भी कोई ध्यान नहीं देते जिस पर मौजूद अधिकारी ने कहा कि एस्टीमेट बनवाया हुआ है, जैसे ही अनुमति मिलती है काम शुरू कर दिया जाएगा। मलिक ने कहा कि उनके गांव जाखौली में हर महीने कागजों में पानी सप्लाई वाली मोटर को खराब दिखाया जाता है और फिर ठीक करवाने के नाम पर फंड जारी करवाया जाता है। दीप मलिक ने आरोप लगाया मनरेगा के काम में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हो रहा है।

    जब दीपक मलिक और दीप बालू के बीच हुई तीखी बहस

    बैठक में दीप मलिक और दीप बालू के बीच गर्मागर्म बहस हो गयी । दोनों में इतनी तीखी बहस हुई कि भरी सदन में दोनों ने भ्रष्टाचार को लेकर एक दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप लगाए। पार्षद दीप बालू ने पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में भी भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। पार्षद ने आरोप लगाया कि वे दूसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में ही करीब ढाई करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। इस पर दीप मलिक भी गुस्साए और उन्होंने इसका जवाब देने की बात कही, लेकिन अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने दोनों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। इसके बाद मामला शांत हुआ। वहीं, बैठक में निलंबित हुए पार्षद ने करीब 15 मिनट तक अपनी बात रखी। इस पर अध्यक्ष का कहना था कि बैठक में आमजन भी अपनी समस्या रख सकता है। निलंबित पार्षद को किसी भी प्रकार की कार्यवाही में शामिल नहीं किया जाता और न ही किसी प्रकार के हस्ताक्षर करवाएं जाते हैं, लेकिन वे अपनी बात रख सकते हैं।

    गाँवों में तालाबो के ओवरफ्लो का उठा मुद्दा

    बैठक में तालाबो के ओवरफ्लो की समस्या का मुद्दा भी पार्षदों ने उठाया जिस पर जिप सीईओ ने कहा कि जहाँ भी एसी समस्या आती है तो वहन फसल कटने के बाद तालाबों का पानी खेतो में निकाला जायेगा और फिर मनरेगा के तहत या मशीनों के द्वारा तालाब की सफाई करवाई जाएगी | इसके अलावा आगामी 15 दिनों में बीडीपीओ गाँवों का दौरा करेगे और जिन गाँवों में निकासी की समस्या है उनकी रिपोर्ट तैयार करेगे और उसके बाद निकासी की समस्या का हल निकाला जायेगा |

    कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे : मलिक

    दीप मलिक ने कहा कि एक मस्ट्रोल तक निकलवाने के एबीपीओ की ओर से 10 से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जाती है। इसका उनके पास ऑडियो का सबूत भी है। यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे इसे पेश करेंगे और हाईकोर्ट तक जाएंगे। इस पर अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने कहा कि अगर आपके पास इसके साक्ष्य है तो जरूर पेश करें। कार्रवाई करना हमारा काम है। | उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पास हुए कामो को शुरू न करने के भी आरोप जिप पर लगाये जिसके उतर में सीईओ ने कहा कि किसी की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि आपके कार्यकाल के कार्यो को रोका जाये |

    देबवन से सौंगल सड़क पर चले सवाल जवाब

    दीप मलिक ने कहा कि देबवन से सौंगल सड़क को बने एक साल हुआ है और उस पर दो बार पैचवर्क का काम किया जा चुका है। क्या इतनी घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया कि सड़क एक साल भी नहीं चल सकती। इसके बाद अध्यक्ष कर्मबीर कौल कौल ने लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन को पूछा कि सड़क बनाते समय कोई समय सीमा भी तो तय की जाती होगी कि ये सड़क इतने दिन चलेगी।

    अगर वाकई में निर्माण सही ढंग से नहीं हुआ तो जांच करके ठेकेदार के खिलाफ कारण बताओ नोटिस निकालो। इस मामले में एक्सईएन ने कहा कि अनुमान से अधिक यातायात होने के कारण सड़क टूट गई है। इसका निर्माण जल्द ही करवा दिया जाएग। दीप मलिक ने कहा कि सड़क पर नई परत चढ़वाए। यदि दोबारा पैचवर्क किया तो वे उनके दफ्तर में ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ जाएंगे।