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    Train rape case Kerala: एक हाथ वाला दुष्कर्म-हत्या का आरोपी, लोहे की सलाखें काट व 7.5 मीटर ऊँची दीवार फांदकर जेल से फरार

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    Soumya rape murder case: कन्नूर (केरल)। बहुचर्चित सौम्या दुष्कर्म एवं हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा दोषी गोविंदाचामी शुक्रवार सुबह केरल की कन्नूर केंद्रीय जेल से फरार हो गया। कन्नूर पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि करते हुए कहा, “जेल से भागने की घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है। राज्यभर में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है।” पुलिस ने गोविंदाचामी के शारीरिक विवरण को साझा करते हुए बताया कि उसका एक हाथ नहीं है, जिससे उसकी पहचान में आसानी हो सकती है। Train rape case Kerala

    कैसे हुआ जेल से फरार?

    प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, गोविंदाचामी ने अपने ब्लॉक नंबर 10 की कोठरी से तार काटा और सुरक्षा व्यवस्थाओं को चकमा देते हुए करीब साढ़े सात मीटर ऊँची दीवार फांदकर भाग गया। कहा जा रहा है कि इस दीवार के ऊपर बिजली से युक्त सुरक्षा तार भी लगी थी।

    सीसीटीवी फुटेज में वह कोठरी से बाहर निकलता हुआ देखा गया है। जेल अधिकारियों को पहले संदेह हुआ था कि वह शाम 6 बजे की गिनती में उपस्थित नहीं था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उसने कई दिनों तक योजना बनाकर, कोठरी में छुपाकर रखे धातु काटने के उपकरण से लोहे की छड़ों को काटा, और एक-हाथ की शारीरिक सीमा के बावजूद जेल की दीवार पार करने में सफल रहा। यह घटना जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

    सौम्या दुष्कर्म व हत्या मामला | Train rape case Kerala

    गोविंदाचामी वर्ष 2011 में 23 वर्षीय सौम्या के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। सौम्या कोच्चि की एक निजी कंपनी में कार्यरत थी और घटना के दिन वह एर्नाकुलम से शोरानूर जा रही पैसेंजर ट्रेन में अकेली यात्रा कर रही थी।

    अभियोजन के अनुसार, 1 फरवरी 2011 को गोविंदाचामी ने महिला डिब्बे में अकेली बैठी सौम्या पर हमला किया। पहले उसने सौम्या के सिर को डिब्बे की दीवारों पर पटका और फिर उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। स्वयं भी कूदकर वह रेलवे ट्रैक के पास पहुँचा और घायल सौम्या को जंगल में खींचकर उसके साथ दुष्कर्म किया। 6 फरवरी 2011 को त्रिशूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान सौम्या की मृत्यु हो गई थी। गोविंदाचामी को अगले ही दिन पलक्कड़ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया था। मामला अदालत में चला और उसे आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी।

    सुरक्षा में लापरवाही पर उठे सवाल

    इस हाई-सिक्योरिटी जेल से एक आदतन अपराधी का इस तरह फरार होना जेल प्रशासन की गंभीर चूक को दर्शाता है। कन्नूर जेल में वर्तमान में 1,000 से अधिक कैदी बंद हैं, फिर भी गोविंदाचामी के भागने की योजना को समय रहते नहीं पकड़ा जा सका। पुलिस और जेल विभाग इस घटना की आंतरिक जांच कर रहे हैं और फरार कैदी की तलाश के लिए विभिन्न जिलों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। Train rape case Kerala

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