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    Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश का किया भंडाफोड़, बड़ी मात्रा में विस्फोटक सहित 7 गिरफ्तार

    Jammu-Kashmir News
    जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश का किया भंडाफोड़, बड़ी मात्रा में विस्फोटक सहित 7 गिरफ्तार

    Jammu-Kashmir Police: श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक व्यापक अभियान चलाते हुए ऐसे संगठित मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जो न केवल राज्य के भीतर बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। यह मॉड्यूल प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed module) तथा अंसर गजवात-उल-हिंद के लिए फंडिंग, भर्ती और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति जैसे काम कर रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है और बड़ी मात्रा में घातक सामग्री बरामद की है। Jammu-Kashmir News

    जिन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, उनमें आरिफ निसार डार (उर्फ साहिल), यासिर-उल-अशरफ, मकसूद अहमद डार (उर्फ शाहिद), मौलवी इरफान अहमद, जमीर अहमद अहंगर (उर्फ मुतलाशा), डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई (उर्फ मुसैब) और डॉ. अदील शामिल हैं।

    छापेमारी के दौरान पुलिस दलों ने कई स्थानों से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री जब्त की। बरामदगी में—

    • एक चीनी पिस्टल और गोलियां
    • एक बेरेटा पिस्तौल
    • एक एके-56 राइफल
    • एक क्रिंकॉफ राइफल
    • तथा करीब 2,900 किलोग्राम आईईडी निर्माण सामग्री शामिल है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, रसायन, रिमोट, टाइमर, तार और धातु पैनल मौजूद थे।

    जांच से सामने आया है कि यह समूह विदेशों में बैठे अपने हैंडलरों से एन्क्रिप्टेड इंटरनेट चैनलों के माध्यम से संपर्क में था। इन्हीं माध्यमों से धन भेजना, नए लोगों को जोड़ना और संवेदनशील सूचना का आदान-प्रदान किया जाता था। आतंकियों ने डिजिटल माध्यमों, शिक्षा-संबंधी मंचों और आभासी नेटवर्क्स के जरिए फंड एकत्र करने का तंत्र विकसित किया था, जिससे किसी तरह की शंका न हो। पुलिस के अनुसार यह संपूर्ण ढांचा “व्हाइट कॉलर आतंकी तंत्र” की तर्ज पर काम कर रहा था।

    इस मॉड्यूल का पता उस समय चला जब 19 अक्टूबर को नौगाम और उसके आसपास के क्षेत्रों में जैश-ए-मोहम्मद के नाम से धमकीभरे पोस्टर लगाए गए थे। इसके बाद दर्ज हुई एफआईआर में यूएपीए, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और आर्म्स एक्ट की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच में श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल, शोपियां के अलावा फरीदाबाद (हरियाणा) और सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में भी तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने कहा है कि फंडिंग की कड़ी और तकनीकी संपर्कों की जांच अभी जारी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि वह प्रदेश में आतंकवाद की किसी भी गतिविधि को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।