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Wednesday, March 4, 2026
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    Trump Latest News: डोनाल्ड ट्रंप का एक और सख्त फैसला! किए निर्देश जारी

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    Trump Latest News: डोनाल्ड ट्रंप का एक और सख्त फैसला! किए निर्देश जारी

    20 और देशों व फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी पर अमेरिकी यात्रा प्रतिबंध बढ़ाया

    US Travel Ban: वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में प्रवेश से जुड़े नियमों को और कठोर बनाने के निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत 20 अतिरिक्त देशों के साथ-साथ फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी को भी यात्रा प्रतिबंध की सूची में शामिल कर लिया गया है। इस निर्णय के बाद अमेरिका की यात्रा करने या वहां बसने की कोशिश करने वालों पर पाबंदियां पहले से कहीं अधिक सख्त हो गई हैं। Trump Latest News

    ताज़ा आदेश के अनुसार अब कुल पाँच देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा, जबकि 15 देशों के लोगों पर आंशिक रोक लगाई गई है। इसके अलावा फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी द्वारा जारी यात्रा दस्तावेजों के आधार पर अमेरिका आने वालों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

    व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। प्रशासन ने हाल की उस घटना का भी उल्लेख किया है, जिसमें व्हाइट हाउस के पास दो नेशनल गार्ड जवानों पर गोलीबारी के आरोप में एक अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। सरकार का तर्क है कि ऐसे मामलों से सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ते हैं।

    नए नियमों में कुछ श्रेणियों को राहत भी दी गई है

    हालांकि, नए नियमों में कुछ श्रेणियों को राहत भी दी गई है। जिन लोगों के पास पहले से वैध अमेरिकी वीज़ा है, वे इन प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा स्थायी निवास अनुमति प्राप्त व्यक्ति, राजनयिक, खिलाड़ी और कुछ विशेष वीज़ा श्रेणियों के धारकों को भी छूट दी गई है। यदि किसी व्यक्ति का प्रवेश अमेरिका के राष्ट्रीय हित में माना जाता है, तो उसे विशेष अनुमति दी जा सकती है। फिलहाल प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये नियम किस तिथि से प्रभावी होंगे।

    गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने पहली बार जून माह में ऐसे यात्रा प्रतिबंध लागू किए थे। उस समय 12 देशों के नागरिकों पर पूर्ण रोक और सात देशों पर आंशिक पाबंदी लगाई गई थी। यह नीति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान लागू की गई चर्चित यात्रा प्रतिबंध योजना की याद दिलाती है। Trump Latest News

    जून में जिन देशों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, उनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल थे। वहीं बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला पर आंशिक प्रतिबंध लागू किया गया था।

    मंगलवार को जारी नए आदेश में बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया को पूर्ण प्रतिबंध की सूची में जोड़ा गया है। साथ ही फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी के यात्रा दस्तावेजों को भी पूरी तरह अमान्य कर दिया गया है। दक्षिण सूडान पहले से ही कड़े प्रतिबंधों के दायरे में था। US News

    आंशिक प्रतिबंध की श्रेणी में 15 नए देशों को शामिल किया गया है

    आंशिक प्रतिबंध की श्रेणी में 15 नए देशों को शामिल किया गया है, जिनमें अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, आइवरी कोस्ट, डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंज़ानिया, टोंगा, ज़ाम्बिया और जिम्बाब्वे के नाम शामिल हैं। ये पाबंदियां पर्यटक वीज़ा पर आने वालों और स्थायी रूप से बसने की इच्छा रखने वाले लोगों—दोनों पर लागू होंगी।

    अपने आदेश में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इन देशों में भ्रष्टाचार व्यापक है, सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता संदिग्ध है और आपराधिक रिकॉर्ड की उपलब्धता सीमित है। इससे यात्रियों की समुचित जांच में कठिनाई आती है। सरकार का यह भी कहना है कि कई देशों के नागरिक वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में रुके रहते हैं और कुछ देश अपने नागरिकों को वापस लेने में सहयोग नहीं करते। इसके साथ ही प्रशासन ने यह तर्क भी दिया कि कुछ देशों में राजनीतिक अस्थिरता और कमजोर शासन व्यवस्था के कारण सुरक्षा, विदेश नीति और आव्रजन से जुड़े जोखिम बढ़ जाते हैं।

    इस बीच, लाओस और सिएरा लियोन को आंशिक प्रतिबंध की सूची से हटाकर पूर्ण प्रतिबंध वाले देशों में शामिल कर लिया गया है, जबकि तुर्कमेनिस्तान पर लगाए गए प्रतिबंधों में कुछ ढील दी गई है, क्योंकि वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाने का दावा किया गया है। जून में घोषित अन्य सभी प्रावधान यथावत लागू रहेंगे।

    उल्लेखनीय है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी यात्रा प्रतिबंधों को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन और कानूनी चुनौतियां सामने आई थीं। बाद में अदालतों ने संशोधित नियमों को वैध ठहराया था। समर्थकों का मानना है कि इस तरह के फैसलों से देश की सुरक्षा सुदृढ़ होती है, जबकि आलोचक इसे नागरिकता और मूल देश के आधार पर भेदभावपूर्ण कदम बताते हैं। Trump Latest News